आपकी किडनी फेल होने से बच सकती है, जानिए कैसे

न्यू कैसल विश्वविद्यालय, यूके के विशेषज्ञों ने जीन एडिटिंग की एक ऐसी विधि खोजी है, जिससे आनुवंशिक कारणों से होने वाली किडनी की बीमारी को जीवनभर के लिए रोका या दूर किया जा सकता है। इस तरह के मरीजों की किडनी फेल होने का खतरा बना रहता है। कई केस में किडनी प्रत्यारोपण भी अनिवार्य हो जाता है। अभी इस विधि का परीक्षण चूहों पर किया गया है। तीन वर्ष के अंदर लोगों का इलाज भी इस तरीके से हो सकेगा।

जीन की गड़बड़ी दूर की

न्यू कैसल विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ जेनेटिक मेडिसिन के प्रोफेसर जॉन सायर की अगुवाई में हुए इस शोध का प्रकाशन 16 नवंबर, 2018 को हुआ है। उनके अनुसार यह पहली बार है जब किडनी के अंदर जीन एडिटिंग संभव हो पाई है। अब तक इसे असंभव माना जा रहा था। इस थेरेपी में जीन के अंदर की गड़बड़ियों को दूर कर दिया जाता है। जौबर्ट सिंड्रोम की वजह से किडनी मरीजों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह मस्तिष्क का एक ऐसा विकार है, जिससे शारीरिक, मानसिक और कभी-कभी आंखों की दृश्यता पर भी असर पड़ता है। इससे किडनी को नुकसान पहुंचता है।

चूहों पर प्रयोग सफल

प्रोफेसर सायर के अनुसार जौबर्ट सिंड्रोम से ग्रस्त चूहों पर जीन एडिटिंग थेरेपी के प्रयोग के दौरान यह पाया गया कि उनकी किडनी की बीमारी में नाटकीय ढंग से सुधार हो रहा है। इस सफल रिसर्च से उत्साहित विशेषज्ञ अब लोगों को इस विधि का लाभ दिलाने की तैयारी में हैं। इसके लिए दवा निर्माता कंपनियों से बातचीत चल रही है, ताकि प्रयोगशाला के बाद क्लीनिक में भी यह इलाज आसानी से सुलभ हो सके।

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