35,000 रुपये किलो वाली सब्जी क्यों है लाजवाब

महंगाई का दौर हो या न हो, यह सब्जी हमेशा 35,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक के रेट पर बिकती है। दुनिया की महंगी सब्जियों में इसकी गिनती की जाती है। इसका नाम है गुच्छी (Guchhi)। इसे जंगली मशरूम (Wild Mushroom) या ड्राई मोरेल्स (Dry Morels) भी कहते हैं। यह दुर्लभ मशरूम हिमाचल स्थित मनाली, कांगड़ा, कुल्लू और चंबा के घने जंगलों में पाई जाती है। स्नोफॉल के बाद मार्च से मई के बीच में वहां के गांववाले इसे दुर्गम नम पहाड़ों और बर्फ की परतों के बीच से निकालकर लाते हैं। यह उत्तराखंड के कुछ इलाकों और जम्मू-कश्मीर में भी पाई जाती है। गुच्छी कीमत में जितनी ज्यादा है, उससे भी कहीं अधिक फायदेमंद और लाजवाब फ्लेवर से भरपूर है। कई बड़ी हस्तियां भी इस सब्जी की दीवानी हैं।

औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध

गुच्छी अपने औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है। इसे मार्कुला एस्क्यूपलेटा के नाम से भी जाना जाता है। इस मशरूम में विटामिन B, विटामिन D, आयरन, कॉपर, मैग्नीज, पोटैशियम, फॉस्फोरस और जिंक की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। हृदय रोगों और कैंसर में यह बहुत लाभकारी है। इसके सेवन से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।

मोदी को पसंद है गुच्छी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुच्छी मशरूम आज भी काफी पसंद है। अपने शुरुआती दिनों जब वे पहाड़ी क्षेत्रों में प्रचार का काम कर रहे थे तब उन्होंने इसकी सब्जी खाई थी। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने मीडिया के समक्ष इसका जिक्र भी किया था। गुच्छी-पुलाव आज भी बड़े होटल और पार्टी की शान समझी जाती है।

विदेश में भी मांग

गुच्छी यानि ड्राई मोरेल्स की मांग दुनिया के कई देशों में भी है। तुर्की, स्विट्जरलैंड, इटली, फ्रांस और अमेरिका आदि देशों के लोग इसकी सब्जी चाव से खाते हैं। अच्छी गुणवत्ता वाली ड्राई मोरेल्स के लिए वो काफी कीमत भी चुकाते हैं। कई देशों की पहाड़ियों में यह पाई भी जाती है।

ऑनलाइन उपलब्ध

गुच्छी जब खाने का मन करे, तब खरीदी जा सकती है। इसके लिए कहीं पहाड़ी या कंदरा में जाने की जरूरत नहीं है, यह ऑनलाइन भी उपलब्ध है। ऑनलाइन यह सब्जी 18,000 प्रति किलोग्राम या इससे कम कीमत पर भी मिल रही है। खरीदने से पहले इसकी गुणवत्ता चेक करना बेहतर होता है। अच्छी गुच्छी महंगी मिलती है।

0.00 avg. rating (0% score) - 0 votes
0 replies

Leave a Reply

Want to join the discussion?
Feel free to contribute!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *