शिरडी साईं बाबा के दर्शन कब करने जाएं, जानें यहां पूरी जानकारी

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शिरडी के विशाल साईं मंदिर की ख्याति देश ही नहीं, विदेश तक है। हर वर्ष यहां लाखों लोग दर्शन के लिए आते हैं। भक्तों की ऐसी अटूट आस्था है कि यहां आकर सच्चे मन से जो भी मुराद मांगी जाती है, वह जरूर पूरी होती है। साईं बाबा को मानने वाले केवल हिंदू ही नहीं, बल्कि मुसलमान भी बड़ी संख्या में हैं। साईं अपने जीवनकाल में मस्जिद में भी रहे। हालांकि, उनकी समाधि को मंदिर का रूप दिया गया है। साईं बाबा ने सबको जाति, धर्म और समुदाय का भेद मिटाकर प्रेम के साथ रहने की शिक्षा दी थी। उनका संदेश था-सबका मालिक एक। साईं ने श्रद्धा और सबुरी (धैर्य) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अनेक लोक कल्याणकारी कार्य किए। उनके चमत्कारों के अनेक किस्से आज भी काफी लोकप्रिय हैं।

शिरडी से साईं का नाता

साईं बाबा का वास्तविक नाम, जन्म स्थान और उनके जन्म के दिन के बारे में कहीं भी जानकारी नहीं मिलती है। साईं पर लिखी पुस्तकों में भी इसका उल्लेख नहीं मिलता। कहा जाता है कि 16 वर्ष की उम्र में साईं शिरडी में प्रकट हुए थे और चिर समाधि में लीन होने तक वो यही रहे। इसीलिए उनका यहां पर मंदिर बनाया गया। मंदिर का निर्माण 1922 में किया गया था। वैसे साईं का जीवनकाल 1838 से 1918 तक माना जाता है।

शिरडी के बारे में

शिरडी अहमदनगर जिले के अंतर्गत एक कस्बा है। अहमदनगर से इसकी दूरी करीब 83 किलोमीटर है। यह कस्बा अहमदनगर-मनमाड राजमार्ग संख्या 10 पर स्थित है। यहां स्थित साईं बाबा समाधि मंदिर में करोड़ों का चढ़ावा चढ़ता है। शिरडी में एक से एक बड़ी हस्तियों के अलावा गरीब से गरीब आदमी भी दर्शन के लिए पहुंचता है। बहुत से लोग तो यहां खुशी-खुशी सब कुछ दान कर चले जाते हैं। साईं मंदिर सुबह 4:00 बजे खुल जाता है और रात को 10:30 बजे यहां अंतिम आरती होती है।

कैसे पहुंचें शिरडी

शिरडी सड़क, रेल और हवाई सभी मार्ग से जुड़ा हुआ है। यहां बस, ट्रेन या प्लेन के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। शिरडी से मुंबई की दूरी करीब 296 किलोमीटर और औरंगाबाद से करीब 160 किलोमीटर है। दोनों ही स्थानों से यहां ट्रेन से पहुंचा जा सकता है। मनमाड यहां से 58 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दिल्ली से मनमाड के लिए कई ट्रेन हैं। कोपरगांव पहुंचकर भी आप शिरडी जा सकते हैं। यहां से शिरडी की दूरी मात्र 15 किलोमीटर है। शिरडी में बने स्टेशन को साईं नगर रेलवे स्टेशन कहा जाता है। यहां से साईं मंदिर की दूरी 10 किलोमीटर से भी कम है। शिरडी एयरपोर्ट उतरकर भी साईं मंदिर जाया जा सकता है। यहां से इसकी दूरी 15 किलोमीटर है। दिल्ली से शिरडी के लिए कई फ्लाइट हैं।

शिरडी में कहां ठहरें

शिरडी में ठहरने के लिए आपको होटल मिल जाएंगे। 1,000 से 1,500 रुपये में आपको मध्यम बजट के होटल मिल जाएंगे। यहां आप ठहर सकते हैं। अगर होटल महंगे लग रहे हों तो कम कीमत पर साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट के आवास में भी ठहरा जा सकता है। इसके लिए ट्रस्ट की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग करवानी पड़ती है।

कब जाएं घूमने

शिरडी दर्शन के लिए जाने का उचित समय दिसंबर से फरवरी तक का होता है। इस समय गर्मी नहीं रहती और मौसम काफी अच्छा रहता है। वैसे अगर यहां यात्रा के दौरान भीड़ से बचना चाह रहे हैं तो मार्च से मई के दौरान भी आप घूमने जा सकते हैं।

आसपास कहां-कहां घूमें

साईं म्यूजियम

साईं म्यूजियम में साईं बाबा से जुड़ीं निजी वस्तुएं देख सकते हैं। इस म्यूजियम में साईं की पादुका, खानडोबा के पुजारी को साईं के दिए सिक्के, साईं द्वारा इस्तेमाल की गई पीसने की चक्की आदि वस्तुएं रखी गई हैं।

खानडोबा मंदिर

शिरडी में ही खानडोबा मंदिर स्थित है। इस मंदिर के मुख्य पुजारी महलसापति ने साईं बाबा का शिरडी में स्वागत करते हुए कहा था-‘आओ साईं’। यह मंदिर मुख्य मार्ग पर ही स्थित है।

शनि शिंगणापुर

यह गांव अहमदनगर जिले में ही स्थित है। शिरडी से इसकी दूरी करीब 65 किलोमीटर है। इस गांव की खासियत यह है कि यहां किसी भी घर में दरवाजा नहीं है। यहां घरों में कभी भी कुंडी लगाकर ताला नहीं बंद किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस गांव की रक्षा खुद शनि देव करते हैं।

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