कब कितना पानी सेहत के लिए रामवाण

पानी वैसे तो जितना ज्यादा पीया जाए उतना ही फायदेमंद साबित होता है, पर कुछ ऐसे क्षण भी हैं जब इसके पीने से नुकसान ही होता है। हमारे शरीर में पानी की मात्रा 60 प्रतिशत तक है। यह शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने के साथ ही कोशिकाओं को सक्रिय बनाए रखने का काम करता है। इससे पाचन तंत्र सुधरने के साथ ही त्वचा में निखार आता है। एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना 8 ग्लास पानी पीना चाहिए। इससे भी महत्वपूर्ण है कि यह पानी आप कब पी रहे हैं।

सुबह जगते ही

पानी में फैट, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन की मात्रा शून्य होती है पर फिर भी इसका महत्व ज्यादा है। सुबह उठते ही कम से कम एक ग्लास पानी पीना चाहिए। डॉक्टरों के मुताबिक इससे शरीर के हानिकारक तत्व बाहर निकल जाते हैं। इसके अलावा विभिन्न अंगों को सक्रिय करने में मदद मिलती है।

गौर हो कि पोषक तत्वों की दृष्टि से पानी का अपना कोई महत्व नहीं है। इसमें यदि कैल्शियम, पोटैशियम, फ्लोराइड, आयरन और सोडियम की मात्रा पाई जाती है तो यह इस पर निर्भर करता है कि पानी किस स्रोत से आ रहा है। यह पानी छनकर आ रहा है नहीं, यह भी इसके लिए जिम्मेदार होता है। कई बार खरीदे गए पानी में कोई विटामिन या पोषक तत्व ऊपर से मिलाया गया होता है।

आहार से आधा घन्टे पहले

खाने से 30 मिनट पहले एक ग्लास पानी पीएं। इससे खाने को पचाने में मदद मिलती है। आहार लेने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए ताकि शरीर को पोषक तत्वों को अवशोषित करने का पर्याप्त मौका मिले। आयुर्वेद कहता है कि खाने के करीब 45 मिनट बाद पानी का सेवन करें। इससे आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे।

नहाने से पूर्व

चिकित्सा वैज्ञानिकों के अनुसार रोज नहाने से पहले एक ग्लास पानी पीने से सामान्य तौर पर ब्लड प्रेशर घटाने में मदद मिलती है। बढ़े हुए ब्लड प्रेशर से बीमारियों का खतरा बना रहता है। स्ट्रोक की आशंका इसमें सबसे प्रमुख है। इसीलिए ब्लड प्रेशर के मरीजों को डॉक्टर ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह देते हैं।

रात को सोने से पहले

रात को सोने से आधा घन्टे पहले एक ग्लास पानी पीएं। इससे आपका मूड सही रहेगा और आप 6 से 8 घंटे बेहतर नींद ले पाएंगे। रात की बेहतर नींद से दिनभर शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। सोने से पहले पानी एक तरह से शरीर की सफाई का काम करता है। इससे खाने को पचाने में भी मदद मिलती है। इसके उलट रात को सोने से पहले ज्यादा पानी पीने पर बार-बार लघुशंका के लिए नींद खराब करनी पड़ सकती है। नींद पूरी न होने से व्यक्ति चिड़चिड़ेपन का शिकार हो जाता है, इसलिए इस समय ज्यादा पानी पीने से बचना चाहिए।

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