सांप (Snake) के काटने के बाद तत्काल क्या करें और क्या न करें

सांप काटने (Snake bite) से जान भी जा सकती है, इसलिए कभी भी इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। भारत में सांप की 270 से भी अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें 60 बहुत ज्यादा जहरीली हैं। इनमें से भी जिन 4 सांपों का जहर बहुत ज्यादा होता है, वो इस प्रकार हैं-इंडियन कोबरा, करैत, रसेल्स वाइपर और सा-स्केल्ड वाइपर। सांप के विषैला न होने के बावजूद कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। कई बार सर्प दंश के बाद इलाज में देरी या खुद बचाव के गलत तरीके अपनाने से भी स्थिति गंभीर हो जाती है। इससे बचने के लिए विश्व के नामी चिकित्सकों द्वारा सुझाई गईं कुछ सावधानी जरूर बरतें।

ये हैं 13 एहतियात

  • जिस सांप ने काटा हो, उसका रंग-रूप जानने का प्रयास करें, ताकि उपचार में आसानी रहे। संभव हो तो संबंधित सांप की फोटो खींच लें।
  • सर्प दंश से पीड़ित व्यक्ति को ऐसे स्थान पर रखें, जहां फिर से सांप काटने का डर न हो।
  • शरीर के जिस भी अंग पर सांप ने डंसा हो, उसे न काटें। उस जगह पर चीर-फाड़ से भी बचें।
  • काटने से बने जख्म को साबुन और पानी से साफ करें। उसे साफ, सूखी और कीटाणुरहित बैंडेज से ढककर रखें। बैंडेज को लूज ही रखें।
  • किसी भी स्थिति में मुंह से विषैले जहर को खींचने का प्रयास न करें। इससे आपकी हालत बिगड़ सकती है।
  • पीड़ित को अपने से कोई दवा न दें। डॉक्टर की सलाह के बाद ही ऐसा करना ठीक रहता है।
  • सर्प दंश से पीड़ित व्यक्ति को कैफीन और अल्कोहल न पिलाएं। इससे शरीर में जहर का अवशोषण और बढ़ जाता है।
  • टोर्निकेट (Tourniquet) का इस्तेमाल न करें। यह एक रक्त-रोधी यंत्र होता है, जिसमें पेच कसने से धमनियों का रक्त बहना बंद हो जाता है।
  • सांप ने जहां काटा हो, उस स्थान पर किसी ठंडी वस्तु को रखकर न दबाएं। बर्फ या पानी भी न डालें।
  • शरीर के जिस भी स्थान पर सांप ने डंसा हो, उस स्थान को पीड़ित के दिल से ऊपर न ले जाएं।
  • जहर फैलने से रोकने के लिए पीड़ित को चलने-फिरने न दें और शांत छोड़ दें। कहीं ले जाना भी पड़े तो उसे उठाकर गाड़ी पर ले जाएं।
  • अगर सांप ने पैर में काटा हो तो जूते खोल दें। इसमें देर नहीं करनी चाहिए।
  • उस स्थान से सारे गहने, कपड़े आदि उतार कर रख दें। ऐसा न करने पर स्वेलिंग की स्थिति में दिक्कत हो सकती है।

सर्प दंश के लक्षण

  • सांप के काटने वाले स्थान पर 15 से 30 मिनट तक तेज जलन वाला दर्द महसूस होता है। इस जगह पर स्वेलिंग भी हो सकती है।
  • जहरीले सांप के काटने पर सिरदर्द, बुखार, ऐंठन और सुन्नता का अहसास होता है। हालांकि, ये लक्षण सांप काटने के डर से भी सामने आते हैं।
  • मिचली आना, सांस लेने में दिक्कत, त्वचा में झुनझुनी और मुंह का टेस्ट बदल जाता है।
  • सांप काटने पर बहुत से लोगों को धुंधला दिखना, बोलने में दिक्कत, प्यास, कमजोरी, बेहोशी और एलर्जिक रिएक्शन होने लगते हैं।

विषैले और बिना विषैले सांप के काटने की पहचान

जहरीले सांप के दो नुकीले दांत होते हैं जो काटने पर जहर पहुंचाने का काम करते हैं। ये सांप जब डंसते हैं तो पीड़ित के शरीर पर 2 स्पष्ट पंक्चर नजर आते हैं। इसके ठीक उल्टा बिना विष वाला सांप जब काटता है तो 2 कतार में दांतों के निशान दिखाई देते हैं। इनके काटने वाले स्थान से रक्त निकल सकता है।

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