स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ाने के लिए यह चाइनीज व्यायाम करें

अगर आपको भूलने की बीमारी हो और बार-बार थकान महसूस हो रही है तो यह चाइनीज व्यायाम आपके लिए ही है। इसे थाई ची (Thai Chi) कहा जाता है।  यह चीनी मार्शल आर्ट से निकली हुई क्रिया है, जिसको अब साधारण व्यायाम के तौर पर प्रयोग किया जाता है। यह ज्यादा उम्र के लोगों के लिए काफी लाभदायक है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसे करना बहुत ही आसान है।

अवसाद की समस्या से छुटकारा

अमेरिका की टफ्ट्स यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन की रिसर्च के अनुसार थाई ची व्यायाम से अवसाद अपने आप कम हो जाता है। इससे रक्त संचार बढ़ता है और यह ब्रेन सेल्स को मृतप्राय होने से बचाता है। इससे हमारी मानसिक एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है।

शरीर को ऊर्जा मिलती है

इस व्यायाम को नियमित तौर पर करने से हमारी शारीरिक क्रियाएं अपने आप बढ़ जाती हैं। इससे शांति और आध्यात्मिकता का बोध होता है। इसके अलावा शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। करने वाले को काफी आराम महसूस होता है।

ब्लड प्रेशर और वजन घटाए

अगर आपका ब्लड प्रेशर हमेशा बढ़ा हुआ रहता है तो आपको यह चाइनीज कसरत जरुर आजमानी चाहिए। मोटापे से परेशान लोगों के लिए भी यह व्यायाम काफी लाभकारी है। इससे वजन कम होता है।

पीठ दर्द और गठिया में कारगर

थाई ची शरीर के जोड़ों को लचीला रखने में मदद करता है। इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं। गठिया के रोगियों के लिए यह व्यायाम किसी भी कारगर दवा से कम नहीं है। इससे पीठ दर्द में काफी राहत मिलती है। पाचन तन्त्र में भी काफी सुधार होता है।

थाई ची का अभ्यास ऐसे करें

पहली क्रिया : सबसे पहले अपने दोनों पैर सटाकर खड़े हो जाएं। फिर दोनों पैर को जमीन पर दोनों तरफ फैला लें।

अब गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर गर्दन तक ले जाएं। फिर सांस छोड़ते हुए दोनों हाथ नीचे ले आएं। आपको काफी राहत महसूस होगी।

दूसरी क्रिया : दोनों हाथों को अब अपने आगे की तरफ फैलाएं। इन्हें धीरे -धीरे ऊपर की तरफ ले जाएं। फिर धीरे-धीरे नीचे ले आएं।

तीसरी क्रिया : दोनों हाथों को एक दूसरे से काटते हुए जोड़ें। घुटनों को थोड़ा झुकाते हुए छाती को आगे की तरफ उभारते हुए रखें। गहरी सांस लें और हाथ नीचे की तरफ ले जाकर खोल लें। फिर खुले हाथ फैलाते हुए ऊपर ले जाएं और उसे जोड़ लें। अब सांस छोड़ें और नमस्कार की मुद्रा में हाथ जोड़े हुए ही नीचे जमीन पर ले जाकर रखें।

इन सारी क्रिया को पांच-पांच बार करें।

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