कैंसर से बचना है तो लिवर को फैटी होने से बचाएं

  • 10 लाख लोग भारत में फैटी लिवर बीमारी का शिकार हो जाते हैं
  • 40 फीसदी तक लोग अमेरिका में फैटी लिवर बीमारी के शिकार हैं
  • 3 में से हर एक आदमी में इस बीमारी के शुरुआती लक्षण पाए गए हैं यूके में

फैटी लिवर (Fatty liver) लिवर कैंसर का कारण बन सकता है, अगर सही समय पर इसका उपचार न किया जाए। आजकल लिवर प्रत्यारोपण का भी यह एक बड़ा कारण है। लिवर में जब अतिरिक्त फैट जमा हो जाता है तो उसे फैटी लिवर कहा जाता है। इसमें शारीरिक थकान, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द और वजन कम होने लगता है। इस रोग की सबसे बड़ी खामी यह है कि व्यक्ति को इसके होने का आभास तब तक नहीं होता है, जब तक कि मेडिकल जांच में सामने न आ जाए।

दो प्रकार की बीमारी
फैटी लिवर दो प्रकार का होता है – नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर (Non-alcoholic fatty liver) और नॉन अल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस (Non-alcoholic steatohepatitis)। इन दोनों को एनएएफएल (NAFL) नाश (NASH) भी कहते हैं। ये दोनों ही स्थितियां हृदय रोग को बढ़ावा देती हैं। NASH में लिवर कोशिकाओं में सूजन के अलावा चोट पहुंचती है। स्थिति गम्भीर होने पर लिवर सिरोसिस और फाइब्रोसिस (दाग) का खतरा बढ़ता जाता है।

लिवर को ऐसे स्वस्थ रखें

वजन घटाना जरूरी

शरीर का वजन कम करें। मोटे लोगों को फैटी लिवर की बीमारी ज्यादा होती है। शरीर का वजन 10 प्रतिशत कम होने के साथ ही लिवर को राहत मिलनी शुरू हो जाती है। वजन कम होने से तरह-तरह के हृदय रोगों और डाइबिटीज से भी छुटकारा मिलता है।

अल्कोहल छोड़ें

किसी भी सूरत में अल्कोहल लेना एकदम बंद करें। इसका जरा सा भी प्रयोग घातक हो सकता है। ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। इससे शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। अध्ययन में सामने आया है कि काले बीज वाले खाद्य पदार्थों के तेल का सेवन फायदेमंद होता है।

फल-सब्जी खाएं

फल, सब्जी और साबूत अनाज को अपने खाने का अभिन्न अंग बनाएं। हल्दी, अदरक, लहसुन, मीठा आलू और केले का इस्तेमाल लिवर में फैट बनने से रोकने में सहायक है। फैटी लिवर की बीमारी में तेल, घी, मक्खन, मीट और मछली आदि से जितनी दूरी बनाएं, उतना ही बेहतर रहेगा। कुछ चिकिसक इस बीमारी में कॉफी पीने की भी सलाह देते हैं।

एक्सरसाइज करें
नियमित व्यायाम से भी फैटी लिवर में काफी राहत मिलती है। इससे शरीर का फैट बर्न होता है और नई ऊर्जा का संचार होता है। शुद्ध ताजी हवा और सूर्य की रोशनी सेहत के लिए काफी लाभकारी है।

मेडिकल जांच कराएं

नियमित तौर पर मेडिकल जांच कराएं। लिवर को स्वस्थ रखने है तो हेपेटाइटिस A और B का टीका भी लगवाएं। विटामिन E की डोज भी लेना कारगर होता है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

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