बुढ़ापा नहीं आने देगी यह दवा

नई सेनोलिटिक दवा बुढ़ापे का कारण बनने वालीं कोशिकाओं को जड़ से खत्म कर देती है।

अमेरिका के शोधकर्ता एक ऐसी दवा की खोज में लगे हैं जो इंसानों में कभी बुढ़ापा नहीं आने देगी। यह दवा बुढ़ापे का कारण बनने वालीं कोशिकाओं को हमेशा के लिए खत्म कर देती है। चूहों और इंसानों पर परीक्षण में यह दवा पास हो गई है। हालांकि अमेरिकी खाद्य और औषधि प्रशासन द्वारा अभी इसका अनुमोदन बाकी है। इस नई सेनोलिटिक (Senolytic) दवा के पायलट परीक्षण के परिणाम 4 जनवरी को इबियोमेडिसिन नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इसके अनुसार इस दवा के आ जाने के बाद बुढ़ापे से होने वालीं कई बीमारियों का खतरा भी अपने आप दूर हो जाएगा।

14 मरीजों पर प्रयोग

वेक फॉरेस्ट स्कूल ऑफ मेडिसिन और सैन एंटोनियो के द यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास हेल्थ साइंसेज सेंटर के साथ मिलकर मेयो क्लीनिक के शोधकर्ताओं ने इस दवा का ईजाद किया है। इसके पायलट परीक्षण के लिए इन्होंने पल्मोनरी फिब्रोसिस रोग के 14 मरीजों को चुना। इस रोग में फेफड़ों में वायु थैली जख्मी होने के साथ कठोर हो जाती है। इस दौरान सांस लेने के अलावा रक्तप्रवाह के दौरान पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त करने में दिक्कत होती है। इस रोग में भी फेफड़े में वही सेन्ससेंट कोशिकाएं बनती हैं, जो स्वस्थ इंसानों में बुढ़ापे का कारण साबित होती हैं।

नौ खुराक में ही असर

अध्ययन में शामिल निकोलस मुसी के अनुसार सेनोलिटिक दवा सेन्ससेंट कोशिकाओं को निशाना बनाती है। परीक्षण के दौरान यह दवा प्रत्येक मरीज को लगातार 3 दिन 3 सप्ताह (कुल 9 खुराक) तक दी गई। इस दौरान मरीजों के टहलने, उठने और बैठने की स्थिति का ध्यान से अध्ययन किया गया। इसके बाद न सिर्फ मरीजों में काफी सुधार पाया गया, बल्कि इस दवा के कोई साइड इफेक्ट भी उनमें नहीं मिले।

बड़े स्तर पर परीक्षण बाकी

यूटी हेल्थ सैन एंटोनियो में मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर और यूनिवर्सिटी के इंटरस्टीशियल फेफड़ा रोग प्रोग्राम के संस्थापक निदेशक अनूप एम. नाम्बियार कहते हैं कि बुढ़ापा रोकने के लिए सेनोलिटिक दवा के जितनी अभी तक कोई और कारगर दवा नहीं है। हालांकि इस दवा का अभी बड़े स्तर पर परीक्षण बाकी है।

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