गठिया के जिद्दी दर्द का खात्मा कर देता है यह जूस

गठिया (Gout) के दर्द का सबसे कारगर और तेज प्राकृतिक इलाज है चेरी जूस (Tart Cherry Juice)। दर्द से लड़ने की इसकी विशेष खूबी के चलते इसे सुपर फूड भी कहा जाता है। इसके अंदर एंथोसायनिन (Anthocyanins) नामक यौगिक पाए जाते हैं, जो जोड़ों के बीच ठोस रूप में जमे यूरिक एसिड को न सिर्फ टुकड़ों में बांटते हैं बल्कि इसे तरल रूप देने में मदद करते हैं। तरल रूप में आने के बाद यूरिक एसिड मूत्र द्वारा शरीर से बाहर निकल जाता है। यह यूरिक एसिड ही दर्द का मुख्य कारण बनता है और इसके कम होने से दर्द अपने आप खत्म हो जाता है।

कैप्सूल जोड़ों के दर्द में अधिक कारगर

चेरी जूस का कैप्सूल भी बाजार में उपलब्ध है। डॉक्टर जोड़ों के दर्द में इसे जूस से भी अधिक कारगर मानते हैं। दो दिन के अंदर इसका असर दिखना शुरू हो जाता है। इसका जूस अमेजन के माध्यम से ऑनलाइन भी मंगाया जा सकता है। गठिया के मरीजों को रोज चेरी जूस पीना चाहिए। इसकी डोज इस तरह रखें – 2 बड़े चम्मच चेरी जूस को छोटे से गिलास में लें और उसमें गिलास भरने तक पानी मिलाकर पी जाएं। अगर कैप्सूल लेना चाहते हैं तो एक दिन में 2 कैप्सूल लेना काफी होता है। वैसे बेहतर यह होगा कि गठिया रोगी इस प्राकृतिक उपचार से पहले अपने डॉक्टर से इसकी डोज के बारे में जरूर सलाह लें।

ये छह उपाय भी लाभकारी

खीरे का रस लें

गठिया के रोगियों को खीरे का रस निकालकर पीने से भी काफी फायदा मिलता है। यह भी चेरी जूस की तरह शरीर से जलन और यूरिक एसिड को खत्म कम करता है। इससे शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं। इससे पीने से कई लोगों को दर्द भी महसूस होता है, पर इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं होती है। खीरे के रस में अदरक और अजवाइन मिलाकर पीना इस रोग में बेहतर माना जाता है।

खूब पानी पीएं

एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने गठिया के अटैक से 24 घन्टे पहले भरपूर पानी पीया था, उनमें इसके अटैक का खतरा 33 फीसदी कम मिला। हर रोज 5 से 8 गिलास पानी पीने वालों को भी गठिया होने का अंदेशा न के बराबर होता है। पानी भी खराब तत्वों को शरीर से बाहर निकालने का काम करता है।

हरी सब्जियों को प्राथमिकता

गठिया में हरी सब्जियों को आहार में शामिल करना बेहतर होता है। लेकिन ऐसा करते हुए यह जरूर ध्यान में रखें कि इनमें पालक, गोभी, मशरूम और फली कतई न हो। इन सब्जियों में प्यूरीन (Purine) की मात्रा ज्यादा होती है। प्यूरीन एक कार्बनिक यौगिक है, जो गठिया रोगियों के लिए नुकसानदायक साबित होता है। कुछ मछली और मीट में भी प्यूरीन की मात्रा ज्यादा पाई जाती है।

विटामिन C वाले फल

विटामिन C वाले फल का सेवन गठिया रोगियों के लिए काफी फायदेमंद है। ऐसे रोगियों को संतरा, किन्नू, नींबू, कीवी और पपीता आदि हर रोज लेना चाहिए। ये जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में कारगर माने जाते हैं। इनमें पाए जाने वाले फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं।

दूध और अंडा भी बेहतर

गठिया रोगियों को कम वसा वाले डेयरी उत्पादों का सेवन करना चाहिए। दूध और योगर्ट को आहार में शामिल करने से रक्त में यूरिक एसिड का स्तर कम होता है। अंडा भी इस रोग में फायदेमंद है। इसमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है। इसके विपरीत इसमें प्यूरीन की मात्रा काफी कम होती है।

कॉफी पीएं, चाय नहीं

कॉफी पीने से यूरिक एसिड का स्तर कम होता है। गठिया रोगियों को हर रोज कम से कम 5 कप कॉफी पीना चाहिए। इस रोग में चाय कम पीना बेहतर होता है। काफी पीने से गठिया रोग होने का अंदेशा भी कम रहता है। कॉफी वजन घटाने में भी कारगर है। बढ़ता वजन गठिया का एक मुख्य कारण है।

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