बढ़ती उम्र का राज छिपा देगा सही ‘आई-कन्सीलर’

किसी की उम्र बढ़ने का पहला पता देती हैं आंखें। ज्यादा उम्र में आंखों के नीचे सूजन और कालेपन को छिपाना मुश्किल हो जाता है। ब्यूटी सलाहकारों के अनुसार अगर आई-कन्सीलर का सही प्रयोग आता है तो कभी भी आपको मुंह छिपाने की आवश्यकता नहीं रह जाती, उल्टे खूबसूरती में और चार चांद लग जाता है। इसके लिए आपको कुछ चंद जरूरी टिप्स को फॉलो करना होगा।

फाउंडेशन पहले लगाएं

कन्सीलर का लाभ तभी है, जब इससे पहले फाउंडेशन का प्रयोग किया गया हो। ऐसा करने से फाउंडेशन और कन्सीलर आपस में आसानी से मिक्स हो जाते हैं। फाउंडेशन पहले लगाने के बाद कन्सीलर के ज्यादा उपयोग की जरूरत नहीं रह जाती है। अगर कन्सीलर पहले लगा लिया तो फाउंडेशन लगाने के बाद इसके मिटने का खतरा रहता है। प्राइमर के इस्तेमाल से मेकअप में और जान आ जाती है।

शेड सही हो

मेकअप के समय कन्सीलर का प्रयोग करने से पहले उसके सही शेड का चुनाव करना जरूरी है। शेड की च्वाइस अलग-अलग चेहरों के लिए अलग-अलग हो सकती है। प्रोफेशनल मेकअप के अनुसार कन्सीलर, स्किन टोन से एक-दो शेड लाइट होना चाहिए। इससे आंखों की खूबसूरती और निखरती है। कन्सीलर लगाने की शुरुआत हमेशा आंखों के गहरे सर्कल से करना चाहिए, हल्के सर्कल को बाद में टच करें।

कलर सलेक्ट करें

आंखों के नीचे सर्कल का रंग या निशान को देखकर ही कन्सीलर के कलर तय करने चाहिए। कलर सलेक्शन में गलती आपका मेकअप बिगाड़ सकती है। गुलाबी और आड़ू फल के कलर का कन्सीलर मेकअप के लिए अच्छा माना जाता है। ब्लू, पर्पल और यलो कलर भी खिलकर आते हैं। पहले अलग-अलग कलर के हल्के से कन्सीलर लगाकर चेक करना चाहिए कि आपके चेहरे पर कौन सा ज्यादा सूट करता है। हमेशा दो कलर का कन्सीलर चुनना बेहतर होता है।

ब्रश का प्रयोग

कन्सीलर के प्रयोग के लिए हमेशा ब्रश का ही इस्तेमाल करना चाहिए। इससे कन्सीलर बराबर और सही तरीके से चेहरे पर मिल जाता है। अंगुलियों से इसे लगाने से मेकअप में वो बारीकी नहीं रह जाती और कन्सीलर फैलने का डर रहता है। कन्सीलर लगाते समय टिशु पेपर साथ लेकर बैठें, ताकि इसे फैलने पर तुरंत साफ कर सकें।

आखिर में सेटिंग जरूरी

कोई भी मेकअप तब तक परफेक्ट नहीं कहा जा सकता, जब तक उसको फाइनल टच स्मार्ट तरीके से न दिया जाए। फाउंडेशन और कन्सीलर लगाने के बाद आखिर में इन दोनों को सेटिंग पाउडर लगाकर ब्रश से सेट करना चाहिए। ध्यान रखें कन्सीलर को सेट करने लिए स्पॉन्ज का ही प्रयोग करें। इससे आंखों के किनारों तक सेटिंग सही हो जाती है।

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