तंदूरी चाय यानि एक रॉयल अहसास

तंदूरी रोटी और तंदूरी चिकन के बाद अब तंदूरी चाय के स्वाद के लिए तैयार हो जाएं। अपने स्मूकी फ्लेवर की वजह से यह सबकी खास होती जा रही है। सेहत के लिए भी यह काफी लाभदायक है। यह चाय पेट की जलन खत्म करने के अलावा पाचन सुधारती है। बड़े शहरों में तंदूरी चाय के अलग से रेस्टोरेंट खुलने शुरू हो गए हैं। कई शहरों में इसके लिए फ्रेंचाइजी के भी ऑफर हैं। लेकिन इससे अच्छा क्या होगा कि घर में ही जब चाहे तब इसका स्वाद लें। इसे बनाना उतना कठिन भी नहीं है।

बनाने की सामग्री

कुल्हड़, चाय पत्ती, चीनी, दूध, पुदीने की पत्ती, नींबू-घास (Lemon grass) और चाय मसाला। सामग्री स्वाद और लोगों की संख्या के आधार पर डालें। स्वाद बदलने के लिए अदरक भी डाल सकते हैं।

ऐसे बनाएं

सबसे पहले जरूरत के अनुसार सारी सामग्री डालकर एक बर्तन में चाय बनाएं। उसे आधा पकने के बाद उतार कर रख दें। अब गर्म तंदूर में कुल्हड़ डालकर उसे करीब 10 मिनट तक पकाएं। जब कुल्हड़ का रंग थोड़ा बदल जाए तो उसे बाहर निकालकर एक पीतल आदि के बर्तन में रख लें। ध्यान रखें यह कुल्हड़ काफी गर्म होगा, इसलिए इसे किसी चिमटे आदि से निकालें। अब इस बर्तन में रखे कुल्हड़ में पहले से आधी पकी हुई चाय को डालें। कुल्हड़ गर्म होने के कारण चाय उफन पड़ेगी और इसमें स्मूकी फ्लेवर आएगा। कुल्हड़ में पकने से चाय का स्वाद दोगुना हो जाएगा। इस चाय को छानकर अब दूसरे कुल्हड़ या बर्तन में सर्व करें।

इन्होंने ईजाद किया तरीका

पुणे के 29 साल के बीएससी ग्रेजुएट अमोल दिलीप राजदेव ने तंदूरी चाय बनाने के तरीके को ईजाद किया है। उन्होंने इसका आइडिया अपनी नानी से लिया। आज वह भारत का पहला तंदूरी चाय रेस्टोरेंट ‘चाय-ला’ नाम से चलाते हैं। तंदूरी चाय के लिए इस रेस्टोरेंट पर लोगों की कतार लगी रहती है। अमोल के अनुसार आज देश के विभिन्न प्रदेशों समेत दुनिया के कई देशों से भी तंदूरी चाय की मांग आ रही है। फिर देर किस बात की, आप भी आजमाकर देखिए एक बार तंदूरी चाय !!

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