हृदय (Heart) और जिगर (Liver) को स्वस्थ रखती है इमली

इमली (Tamarind) पारंपरिक औषधि के तौर पर काम करती है। इसमें एक नहीं, अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं। इमली में सबसे अधिक मैग्नीशियम की मात्रा पाई जाती है। 120 ग्राम इमली में 28 प्रतिशत मैग्नीशियम पाया जाता है। इसके अलावा इसमें पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन और फॉस्फोरस की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। इसके अंदर विटामिन B1, B2, B3, B5, B6 और विटामिन C की मौजूदगी के चलते यह कई रोगों से लड़ने के अलावा स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद साबित होती है। इमली हृदय (Heart) और जिगर (Liver) की सुरक्षा का काम करती है। इसका प्रयोग इसके गुदे को खाने में मिलाकर या जूस के तौर पर भी किया जाता है।

कोलेस्ट्रॉल का स्तर घटाए

इमली में फ्लेवोनॉयड्स जैसे पोलीफेनॉल्स पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर से बुरे कोलेस्ट्रॉल (Bad LDL) को कम करने का काम करते हैं। इससे हृदय स्वस्थ रहता है और इससे जुड़े रोग होने का खतरा कम होता है। कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने से हृदयाघात और स्ट्रोक की आशंका बनी रहती है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ने और डायबिटीज होने का खतरा भी बरकरार रहता है।

फैटी लिवर से राहत

इमली लिवर के लिए बहुत लाभदायक साबित होती है। इसके सेवन से फैटी लिवर की समस्या से राहत मिलती है। फैटी लिवर में भूख कम लगने और वजन घटाने के साथ ही कमजोरी और थकान महसूस होती है। फैटी लिवर से राहत के लिए दो मुट्ठी छिली हुई इमली लें। उसमें 1 लीटर पानी और 1 चम्मच शहद मिला दें। अब इसे मिक्सर में अच्छी तरह से मिश्रित कर लें। अब इसे पी जाएं। ऐसा 7 से 10 दिन तक करें। अपने आप लाभ दिखने लगेगा। हर व्यक्ति का शरीर एक जैसा नहीं होता, अगर आपको इससे कोई दिक्कत महसूस हो तो इसका इस्तेमाल कतई न करें।

पाचन तंत्र सुधारे

इमली में मैलिक और टार्टरिक एसिड तथा पोटैशियम पाया जाता है। ये पाचन को सुधारने में कारगर साबित होते हैं। फाइबर की मात्रा के चलते इमली कब्ज और डायरिया में भी बहुत लाभदायक साबित होती है। पेट में जलन की समस्या में इमली की पत्ती बहुत कारगर होती है। इमली का जूस और बिना शहद और चीनी के इमली की चाय लेने से भी काफी फायदा होता है। पाचन सही न होने से कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

वजन कम करे

हाइड्रोसाइट्रिक एसिड की मौजूदगी के चलते इमली शरीर का वजन घटाने में लाभदायक सिद्ध होती है। जिस एंजाइम के चलते शरीर में फैट जमा होता है, इमली उसे रोकने का काम करती है। इससे पेट की बढ़ी चर्बी घटाने में काफी मदद मिलती है। इसके लिए किसी न किसी रूप में इमली का सेवन जरूर करना चाहिए। बढ़ा हुआ वजन डायबिटीज का मुख्य कारण बनता है।

कैंसर होने से रोके

कैंसर की आशंका से दूर रहना चाहते हैं तो अपने आहार में किसी न किसी रूप में इमली का जरूर सेवन करें। यह गुर्दे की कोशिकाओं और अग्नाशय के कैंसर से हमें बचाने का काम करती है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइटोकेमिकल्स जैसे कि ग्रेनियाल की मौजूदगी के चलते इमली ट्यूमर के विकास को रोकने में मददगार साबित होती है। इसमें फ्लेवोनॉयड्स की अधिकता भी हमें कैंसर से बचाती है।

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