ज्यादा कैलोरी बर्न करने का सबसे आसान तरीका है सूर्य नमस्कार

सूर्य शक्ति और तेज के निशानी हैं। इन्हें स्वास्थ्य दाता के देवता के तौर पर भी पूजा जाता है। सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) 12 योग आसनों का एक समन्वय है, जिन्हें करने से शरीर स्वस्थ रहता है और मन को काफी शांति मिलती है। ये आसन कैलोरी बर्न करने में बहुत ही सहायक सिद्ध होते हैं। एक बार सम्पूर्ण सूर्य नमस्कार में 13.90 कैलोरी बर्न होती है। इसलिए मोटापे के शिकार लोगों को तो सूर्य नमस्कार करना ही चाहिए। 5 बार सूर्य नमस्कार से इस अभ्यास को शुरू कर इसे 108 बार तक ले जाना चाहिए, क्योंकि यही आदर्श है। सूर्य नमस्कार के समय 12 मंत्र का जाप किया जा सकता है।

ऐसे करें आसन

आसन -1

किसी खुली जगह पर सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैर को एक साथ जोड़ते हुए अपना पूरा वजन इन पर डालें। अब सीने को फुलाएं और कंधों को ढीला छोड़ दें। फिर सांस लें और हाथ आगे करें। इसके बाद हाथों को जोड़ते हुए सीने के सामने लाएं और सांस छोड़ें। इसे प्रणाम आसन कहते हैं।

आसन-2

सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं। ध्यान रखें उन्हें पीछे की तरफ ले जाना है। इस समय दोनों बाजुएं आपके कान के समीप से होकर जानी चाहिए। अब कूल्हों से शरीर को आगे की तरफ धकेलें और पूरे शरीर को ऊपर की तरफ खींचें। इसे हस्तउत्तानासन कहते हैं।

आसन-3

सांस छोड़ते हुए कमर से ऊपर के हिस्से को नीचे की तरफ झुकाएं। अब हाथों के दोनों पंजों को जमीन पर टिका दें। इस दौरान आपके घुटने मुड़ने नहीं होने चाहिए। अगर घुटने सीधे रखने में दिक्कत आ रही है तो उन्हें जितना सीधा रख सकते हैं, उतना रखने का प्रयास करें। इसे हस्तपाद आसन कहते हैं।

आसन-4

अब सांस लेते हुए दाहिने पैर के घुटने जमीन पर टिकाते हुए उसे पीछे की ओर ले जाएं। इस दौरान दोनों हाथों को आगे जमीन पर रखें और उनके बीच में बाएं पैर को घुटने से मोड़ते हुए सीधा रखें। इसे अश्व संचालन आसन कहा जाता है।

आसन-5

सांस लेते हुए अपने बाएं पैर को पीछे करें। ध्यान रखें दाहिना पैर पहले से ही पीछे की तरफ है। इस दौरान हाथों को जमीन पर लंबवत टिकाते हुए शरीर को सीधी रेखा में रखें। इस आसन को दंडासन कहते हैं।

आसन-6

सांस छोड़ते हुए दोनों घुटनों को जमीन पर रखें। सीने और ठोढ़ी को जमीन पर रखते हुए कूल्हे को ऊपर की तरफ उठाएं। इस आसन को अष्टांग नमस्कार कहते हैं।

आसन-7

सीने को ऊपर की तरफ उठाएं। मुंह और आंख भी ऊपर की तरफ होनी चाहिए। कोहनी को मोड़ें और कंधे को कानों से दूर रखें। इस दौरान पैरों की अंगुलियां भी नीचे की तरफ होनी चाहिए। इस आसन को भुजंग आसन कहते हैं।

आसन-8

हाथों और पैरों को जमीन पर टिकाते हुए शरीर को वी (V) के आकार में बनाएं। इस दौरान कूल्हे ऊपर की तरफ उठे होने चाहिए। इसे पर्वत आसन कहते हैं।

आसन-9

अब आसन-4 को दोहराएं, सिर्फ इसमें फर्क इतना रहेगा कि इसमें दाहिने पैर को हाथों के बीच रखना है। साथ ही, बाएं घुटने को जमीन पर टिकाते हुए पीछे की तरफ रखना है। इसको अश्व संचालन आसन कहते हैं।

आसन-10

सीधे खड़े होकर कमर से ऊपर के हिस्से को नीचे की तरफ झुकाएं। दोनों हाथों की हथेलियों को जमीन पर टिका दें। अब नाक से घुटने को छूने का प्रयास करें। इस दौरान सांस लेते रहें। इसको हस्तपाद आसन कहते हैं।

आसन-11

अब सीधे हो जाएं। हाथों को ऊपर करते हुए पीछे की तरफ ले जाएं। पैरों को सीधे रखें और कूल्हे को आगे की तरफ धकेलें। इसे हस्तउत्थान आसन कहते हैं।

आसन-12

सांस को छोड़ते हुए अपने शरीर सीधा करें और हाथों को नीचे लाएं। थोड़ी देर रुकते हुए सामान्य मुद्रा में आ जाएं। इस आसन को ताड़ासन कहते हैं। इस तरह सूर्य नमस्कार का एक चक्र पूरा हो गया। इसे ऐसे ही दोहरा सकते हैं।

सूर्य नमस्कार के 9 फायदे

1. शरीर में लचीलापन आता है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

2. ज्यादा मात्रा में कैलोरी बर्न होती है और वजन घटाने में मदद मिलती है।

3. शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और पाचन में सुधार होता है।

4. ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और रातों को बेहतर नींद आती है।

5. त्वचा पर एक अलग चमक आती है। अवसाद से छुटकारा मिलता है।

6. ब्लड शुगर का स्तर कम होने से डायबिटीज के रोगियों को लाभ पहुंचता है।

7. महिलाओं को अनियमित पीरियड की समस्या से छुटकारा मिलता है।

8. आंखों की रोशनी बढ़ती है और क्रोध को काबू रखने में मदद मिलती है।

9. ये आसन बालों के झड़ने, सफेद होने और रूसी की समस्या से बचाते हैं।

ये 5 सावधानी जरूरी

1. सूर्य नमस्कार के समय यह सुनिश्चित करें कि हर पॉस्चर में सही तरीके से सांस ले रहे हैं।

2. हर्निया और हाई ब्लड प्रेशर के शिकार लोगों को ये आसन नहीं करना चाहिए।

3. गर्भावस्था के दौरान 3 महीने के बाद महिलाओं को यह अभ्यास नहीं करना चाहिए।

4. गंभीर पीठ दर्द से परेशान लोगों को सूर्य नमस्कार बराबर करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

5. अभ्यास से तीन घंटे पहले कुछ न खाएं। पानी की जरूरत पड़े तो आसन से आधे घन्टे पहले आधा ग्लास ही लें।

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