हैरत : मच्छर अब खुद काटना छोड़ देंगे

7 लाख 25 हजार लोगों की हर साल मच्छर के काटने से मौत हो जाती है विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार

70 करोड़ लोग विश्व में हर वर्ष मच्छरों से होने वाली बीमारियों के शिकार हो जाते हैं

2050 तक दुनिया की आधी आबादी को मच्छर-जनित बीमारियों का खतरा होगा

 

अमेरिका के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी दवा ईजाद करने का दावा किया है जो मच्छरों के खून चूसने की इच्छा को कई दिनों के लिए खत्म कर देती है। नतीजतन मच्छर आदमी को काटना खुद छोड़ देंगे। इससे मच्छरों से होने वाली बीमारियों मलेरिया, डेंगू, पीत-ज्वर आदि से तो छुटकारा मिलेगा ही, इनकी वजह से अब रातों की नींद और दिन का चैन भी गायब नहीं होगा।

दबा दी जाती है भूख

अध्ययन में जुटे वैज्ञानिकों के अनुसार मादा एडिस एजिप्टी मच्छर ही खून के लिए लोगों को काटते हैं। ये मच्छर ऐसा इसलिए करते हैं कि उन्हें अंडे देने के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है, जिसकी कि पूर्ति इस खून से होती है। सेल (Cell) नामक जर्नल में प्रकाशित इस नए अध्ययन के अनुसार केमिकल के माध्यम से जब इन मच्छरों की भूख दबा दी जाती है तो व्यक्ति के खून चूसने की उनकी इच्छा अपने आप कम हो जाती है।

नतीजे खुश करने वाले

न्यूयॉर्क स्थित रॉकफेलर विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और इस अध्ययन से जुड़ीं लेस्ली वॉशहॉल कहती हैं कि इस दवा के नतीजे को लेकर हमें प्रसन्नता हो रही है। गौर हो कि अध्ययन के समय यह पाया गया कि इस दवा के सेवन करने वाले व्यक्ति को एक बार मच्छर काट ले तो कई दिन तक खून चूसने की उसकी इच्छा नहीं होती है।

ऐसे काम करती है दवा

अध्ययन के समय वैज्ञानिकों ने मानव की भूख को संचालित करने वाले न्यूरोपेप्टाइड वाई रिसेप्टर्स को लक्षित किया। इसके बाद दवा के रूप में तैयार नमकीन घोल मच्छरों को दिया गया। इसके बाद पाया गया कि मच्छरों की भूख यानि खून चूसने की इच्छा में तीव्र गिरावट आ गई। यह घोल व्यक्तियों में भी इन रिसेप्टर्स को रोकने का काम करता है।

जल्द निजात मिलेगी

वैज्ञानिकों के अनुसार उनका यह अध्ययन अभी शुरुआती चरण में है। इसका मादा एडिस एजिप्टी के अलावा अन्य मच्छरों पर अध्ययन बाकी है। इसकी अलग-अलग लोकेशन पर भी जांच होनी है। दुनियाभर के लोगों को इस दवा का लाभ मिलेगा।

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