प्रदूषण के प्रकोप से आपको ऐसे बचाएंगी छोटी सावधानियां

दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर समेत देश के अधिकांश शहरों में प्रदूषण सात से 10 गुना तक बढ़ चुका है। यह प्रदूषण अब स्मॉग (फॉग+प्रदूषण) का रूप ले चुका है। इससे सांस रोगियों की मुश्किल और बढ़ गई है। हर दूसरा-तीसरा व्यक्ति आंखों में जलन और गले में खराश की दिक्कत से पीड़ित है। इससे फेफड़ों और हृदय को भी बहुत नुकसान पहुंच रहा। ऐसी स्थिति में कुछ छोटी सावधानियां हमें बड़ी राहत दे सकती हैं।

मास्क का प्रयोग

घर से बाहर निकलते समय प्रदूषण से बचने के लिए मास्क का जरूर इस्तेमाल करें। बाजार में तरह-तरह के मास्क उपलब्ध हैं। हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले मास्क का ही प्रयोग करना चाहिए। इनमें मौजूद ट्रिपल लेयर फिल्टर प्रदूषण से सुरक्षा प्रदान करते हैं। आजकल ये मास्क ऑनलाइन भी 52 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक में मिल रहे हैं।

सुबह की सैर छोड़ें

प्रदूषण और स्मॉग की स्थिति में सुबह की सैर से बचना चाहिए। सुबह प्रदूषण बढ़ा हुआ होता है। इस समय सैर करने से धूल के कण और विषैली गैसें सीधे फेफड़े में प्रवेश करती हैं। सेहत विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण की स्थिति में दोपहर से शाम 6 बजे के बीच बाहर निकलना फिर भी ठीक होता है, क्योंकि इस अवधि में प्रदूषण अन्य समय के मुकाबले अपेक्षाकृत कम होता है। प्रदूषण बढ़ने पर बच्चों की बाहर की गतिविधियों में कटौती कर देनी चाहिए।

एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार घरेलू वायु प्रदूषण के चलते हर साल 38 लाख लोगों की मौत हो जाती है। घर के अंदर हवा को प्रदूषित करने वाले कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड आदि से बचाव जरूरी है। ऐसे में एयर प्यूरिफायर काफी काम आते हैं। प्यूरिफायर घर में ज्यादा जगह भी नहीं घेरता है। खरीदारी के लिए इन्हें ऑनलाइन भी ट्राई किया जा सकता है। अच्छी क्वालिटी के प्यूरिफायर 45,000 रुपये तक में मिल जाएगा।

कुछ घरेलू नुस्खे

  • तुलसी पत्ते की चाय प्रदूषण का असर खत्म करने में काफी हद तक सहायक होती है। रोज 10 मिलीग्राम तक तुलसी जूस लेने से भी राहत मिलती है।

  • प्रदूषण को मात देने में गुड़ काफी कारगर है। गुड़ के नियमित सेवन से लिवर और फेफड़े साफ होते हैं। यह खून को भी साफ करने का काम करता है।
  • एक चम्मच गाय का घी या शहद के साथ आधा चम्मच हल्दी पाउडर सुबह खाली पेट लेना चाहिए। इससे दिनभर प्रदूषण से लड़ने में मदद मिलती है।
  • प्रतिदिन सुबह-शाम स्टीम लेने से भी काफी राहत मिलती है। पानी में पिपरमेंट या यूकेलिप्टस तेल की कुछ बूंदें मिलाकर भाप लेना ज्यादा बेहतर होता है।
  • हेल्दी डाइट प्रदूषण से लड़ने में मदद करती है। इसके लिए विटामिन C और ओमेगा फैटी एसिड वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

लंबे समय के लिए ये करें

ग्रीन होम

ग्रीन होम को अपनाकर हम पर्यावरण के साथ-साथ खुद को प्रदूषण से बचा सकते हैं। ग्रीन होम का डिजाइन या निर्माण कुछ इस तरह होता है कि वह पर्यावरण पर नकारात्मक असर डालने वाले कार्बन उत्सर्जन आदि को रोकता है। इसमें ऊर्जा और पानी आदि की खपत कम होती है और प्राकृतिक संसाधनों को भी नुकसान नहीं पहुंचता है। इससे जीवन स्तर में भी काफी सुधार आता है।

पर्यावरण के अनुकूल परिवहन

पर्यावरण के अनुकूल परिवहन आज समय की मांग है। डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहन प्रदूषण बढ़ाने के मुख्य कारकों में से एक हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भी इन पर सख्ती के लिए कई बार कह चुका है। इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन चालित वाहन इसके बेहतर विकल्प हैं। सौर ऊर्जा और सार्वजनिक परिवहन को अधिक से अधिक बढ़ावा देकर भी प्रदूषण को कम किया जा सकता है।

अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएं

आईआईटी कानपुर एक रिसर्च कहती है कि अगर प्रदूषण से निपटना चाहते हैं तो घर या उसके बाहर पौधे लगाएं। ये पौधे हैं-अरेका पॉम, गुलदाउदी, मनी प्लांट आदि। इनके अलावा एलोवेरा, पीस लिली, स्नेक और रबर प्लांट हवा शुद्ध करने में काफी मददगार साबित होते हैं। पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में पेड़ भी काफी कारगर साबित होते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार 42 हजार किलोमीटर चली कार से जितना कार्बन मोनोऑक्साइड निकलता है, उसे एक एकड़ में लगे पेड़ एक साल के अंदर अवशोषित कर लेते हैं। पीपल के पेड़ को हवा शुद्ध करने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है।

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