इस म्यूजिक को बजाएं, मच्छर डंक मारना भूल जाएंगे

मलेशिया में हुए अध्ययन के अनुसार अमेरिकी कलाकार स्क्रीलेक्स का गीत बजने के बाद मछरों का व्यवहार बदल जाता है।

मच्छरों के डंक से आजिज आ चुके लोगों को अब इससे छुटकारा दिलाएगा एक खास म्यूजिक। मलेशिया में हुए एक वैज्ञानिक अध्ययन में इस पर मुहर लगाई जा चुकी है। साइंस जर्नल एक्टा ट्रोपिका (Acta Tropica) में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार मच्छरों से बचने का आसान तरीका है- अमेरिकी कलाकार स्क्रीलेक्स (Skrillex) का गीत स्कैरी मॉन्स्टर्स एंड नीस स्प्राइट्स (Scary Monsters and Nice Sprites) सुनें। अध्ययनकर्ताओं का मानना है कि स्क्रीलेक्स का यह डबस्टेप मछरों के व्यहार को बदल देता है। जब यह बजता है तो न सिर्फ मच्छर अटैक करना छोड़ देते हैं, बल्कि उनकी जनन प्रक्रिया भी कुछ समय के लिए रुक जाती है।

मच्छरों ने ऐसे बनाई दूरी

मलेशिया विश्वविद्यालय के हमादि डेंग और उनके सहयोगियों ने इस आधार पर अपना अध्ययन शुरू किया कि संवाद के लिए मच्छर ध्वनि का उपयोग करते हैं। वो तब आश्चर्यचकित रह गए जब उन्होंने स्क्रीलेक्स के डबस्टेप को बजाया। इस दौरान येलो फीवर मच्छर (एडिस एजिप्टी) का व्यवहार बदल गया। मादा मच्छरों का इससे काफी मनोरंजन होने लगा और वो लोगों को डंक मारना कुछ समय के लिए भूल गए। गौर हो कि मादा (Female) मच्छर ही खून चूसने का काम करते हैं। इस संगीत से नर (Male) मच्छरों की जनन प्रक्रिया में भी कमी पाई गई।

स्कैरी मॉन्स्टर्स..ही क्यों ?

अध्ययनकर्ताओं ने स्क्रीलेक्स का गीत स्कैरी मॉन्स्टर्स एंड नीस स्प्राइट्स इसलिए चुना कि इसमें बहुत ज्यादा और बहुत कम फ्रिक्वेंसी का बेहतर संयोजन है। इस डबस्टेप की खासियत की वजह से ही आर्टिस्ट स्क्रीलेक्स को मॉस्किटो रेपेलेंट फेम की संज्ञा मिल रही है। हालांकि उनकी पहचान इससे कहीं ऊपर है। इस पूरे अध्ययन को लेकर दुनियाभर में चर्चा छिड़ गई है। अध्ययन के नतीजे और इसकी प्रमाणिकता पर सवाल भी खड़े किए जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इसे इतना कारगर नहीं कहा जा सकता है। उनके अनुसार आखिर मच्छर भगाने के लिए स्क्रीलेक्स का गीत ही क्यों ? कोई और गीत या संगीत क्यों नहीं ?

कौन हैं स्क्रीलेक्स

स्क्रीलेक्स अमेरिका के जाने-माने गायक, संगीतकार, गीतकार, डीजे और रिकॉर्ड निर्माता हैं। 31 वर्षीय स्क्रीलेक्स का असली नाम सन्नी जॉन मूर है। उनके संगीत की धूम अमेरिका ही नहीं, दुनिया के कई देशों तक में फैली है। नवंबर 2011 में उन्हें 5 ग्रैमी पुरस्कार मिल चुके हैं। सोशल मीडिया पर उनके फॉलोवर्स की संख्या अभी लाखों में है।

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