कोविड-19 : आपकी चिंता और तनाव दूर करेंगे ये 11 आसान उपाय

कोरोना वायरस (Covid-19) ने पूरी दुनिया के सामने एक नई मुश्किल खड़ी कर दी है। बढ़ती महामारी से लड़ने के लिए लागू लॉकडाउन के बीच खाली समय काटना लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। घर में बैठे-बैठे बहुत से लोग चिंता (Anxiety) और तनाव (Stress) का शिकार होते जा रहे हैं। उनकी सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इससे बचने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत दुनिया के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों की ओर से महत्वपूर्ण उपाय सुझाए गए हैं। इन 11 प्रमुख उपायों पर अमल कर इस दौर में भी हम अपने को तनावमुक्त बनाए रख सकते हैं।

1. घर का सही वेंटिलेशन

अपने घर के दरवाजे और खिड़की खोलकर रखें। रोशनी और ताजी हवा शरीर के लिए नई ऊर्जा का काम करती है। अगर वेंटिलेशन सही है तो घर में नमी और बैक्टीरिया होने की आशंका कम होती है। इससे घर से प्रदूषण और नुकसानदायक गंध भी बाहर निकलती है। साथ ही, बीमारियों का खतरा कम होता है। इसका हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर भी काफी सकारात्मक असर पड़ता है।

2. जल्द सुबह का रूटीन

प्रतिदिन सुबह जल्दी उठें। इसका नियमित तौर पर पालन करें। जो लोग सुबह 9 बजे तक अपना अपना 40 प्रतिशत भी काम निपटा लेते हैं, वो देर से उठने वालों के मुकाबले दिन में दूसरे कामों के लिए ज्यादा वक्त निकाल पाते हैं। जो लोग सुबह जल्दी उठते हैं, वो रात में जल्दी सो जाते हैं और वे बेहतर नींद ले पाते हैं। दिनभर ऊर्जावान और चिड़चिड़े रहने से बचने के लिए भी रात की पर्याप्त नींद जरूरी है। कनाडा की एक रिसर्च के अनुसार सुबह जल्दी उठने वाले ज्यादा लंबी जिंदगी जीते हैं।

3. एक्सरसाइज जरूरी

एक्सरसाइज न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक चुनौतियों से निपटने में भी बहुत मददगार साबित होता है। कसरत से खुशी का भाव उत्पन्न होता है। यह मूड को बदलने का काम करता है। इसके अलावा एक्सरसाइज से शुगर और इंसुलिन का स्तर बरकरार रहने के साथ शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती के लिए भी एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। इस समय घर में बैठे-बैठे वजन बढ़ने का भी खतरा है, इसलिए भी एक्सरसाइज जरूरी है। मानसिक परेशानियों को दूर करने में प्राणायाम भी काफी कारगर है।

4. पूरे दिन का प्लान

रोज का अपना नियमित रूटीन बनाएं। हर सुबह अपने पूरे दिन को प्लान करें। काम जल्द शुरू करने की आदत डालें और पहले खत्म करने का प्रयास करें। आप महसूस करेंगे कि आपकी उत्पादकता या कार्यक्षमता बढ़ चुकी है। इस तरह से मानसिक तनाव या चिंता के लिए भी जगह नहीं बचती। थोड़ा लंबे समय तक व्यस्त रखने के लिए हफ्ते को भी प्लान कर सकते हैं। इससे आपके पास चिंता करने के लिए समय ही नहीं रह जाता है। प्लान हमेशा लिखकर बनाएं, इससे इसके छूट जाने की आशंका कम रहती है।

5. पूरी और हेल्दी डाइट

शरीर के अंगों और उत्तकों के बेहतर काम के लिए हेल्दी और पर्याप्त डाइट जरूरी होती है। ऐसा न होने पर थकान, इंफेक्शन और बीमारी का सामना करना पड़ सकता है। इससे मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। इसलिए हमें ज्यादा से ज्यादा फाइबर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। दाल के सेवन से प्रोटीन की पूर्ति होती है। गहरे हरे रंग की पत्तियों वाली सब्जियां और फलों के सेवन से भी काफी लाभ होता है। इससे शरीर में पोषक तत्व की कमी नहीं होती है।

6. ज्यादा पानी पीएं

दिन में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। यह शरीर के अपशिष्टों को बाहर निकालने का काम करता है। इससे काफी स्वास्थ्य लाभ होता है। पानी से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है। इससे सिरदर्द और थकान आदि से भी राहत मिलती है। यह ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करने में मदद करता है। इस तरह से मूड अच्छा बना रहता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार रोज कम से कम 2 से 3.5 लीटर तक पानी पीना चाहिए।

7. सुखद संगीत सुनें

मानसिक परेशानी से उबरने का सबसे बेहतर माध्यम है संगीत। इससे मूड बदलता है और खुशी का अहसास होता है। इसके अलावा चिंता तथा तनाव दूर करने में संगीत बहुत सहायक है। जिन लोगों को नींद न आने की समस्या है, उनको संगीत जरूर सुनना चाहिए। इससे इसमें काफी सुधार होता है। सुखद संगीत सुनने से सीखने की क्षमता और स्मरण शक्ति का विकास होता है। हमें दुखद संगीत सुनने से बचना चाहिए। इससे हमारे अंदर निराशा का भाव आता है।

8. सिर्फ टाइप नहीं, कॉल करें

आइसोलेशन में रहने के दौरान आप कब चिंता में डूब जाते हैं, पता ही नहीं चलता। इसके लिए जरूरी है कि अपने आपको ज्यादा समय व्यस्त रखें। खाली समय में चिंता गहराने की ज्यादा आशंका बनी रहती है। बीच-बीच में अपने प्रियजनों को मैसेज भेजते रहें। ध्यान रखें, यह मैसेज किसी तरह की अफवाह से जुड़ा नहीं होना चाहिए। हालांकि, मैसेज के बजाय अपने परिजनों या साथियों को कॉल कर आप अपना ज्यादा दर्द बांट सकते हैं। अपनी आर्थिक स्थिति पर भी बात की जा सकती है। इससे दिक्कत सुलझने के साथ ही मन हल्का होता है।

9. कुछ नया सीखें और सिखाएं

खाली समय में कुछ नया सीखने का प्रयास करना चाहिए। इससे समय भी कटेगा और कुछ न कुछ आप हासिल करते रहेंगे। कुकिंग, पेंटिंग, एनिमेशन, वीडियो एडिटिंग या अलग-अलग भाषाएं आदि सीखी जा सकती हैं। ऐसे समय में किताबों को भी अपना साथी बनाया जा सकता है। इससे ज्ञान और कला प्रतिभा निखरती है। साथ ही, मानसिक तनावों के लिए समय ही नहीं मिलता। घर में बच्चों को पढ़ाकर भी आप अपना समय बेहतर तरीके से बिता सकते हैं। बच्चों को कुछ अच्छा सीखने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इसके अलावा मनोरंजक गतिविधियों में बच्चों के साथ खुद को भी शामिल कर सकते हैं।

10. न्यूज का सही स्रोत

कोरोना वायरस से फैली महामारी के बारे में किसी भी तरह की जानकारी के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों पर ही भरोसा करें। कई स्थानीय जानकारी बहुत बढ़ा-चढ़ाकर बताई जाती है। इससे पैनिक फैलने के साथ ही निराशा के भाव का संचार होता है। इसके लिए जरूरी है कि कुछ समय के लिए न्यूज सुनने पर ब्रेक लगाएं। इसके अलावा किसी सुनी-सुनाई बात को खुद तब तक आगे न बढ़ाएं जब तक उसकी पुष्टि न हो जाए। इससे इस महामारी से लड़ने में बहुत मदद मिलेगी।

11. दूसरों की मदद करें

देश पर संकट की घड़ी में हर नागरिक का दायित्व बनता है कि वह बढ़-चढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभाए। पीड़ितों, स्वास्थ्य कर्मचारियों या भूख से तड़प रहे लोगों की किसी न किसी रूप में मदद कर यह जिम्मेदारी हम अच्छे से निभा सकते हैं। हालांकि, इसमें खुद का भी बहुत बड़ा लाभ छिपा है। देने का भाव हमेशा सुखद अनुभूति लेकर आता है। जैसे ही आप दूसरों की सहायता में जुटते हैं, एक तो आपका खाली समय कटता है, दूसरे आपके अंदर गर्व और संतोष का भाव आता है। इससे तनाव और चिंता अपने आप दूर हो जाती है।

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