हाई ब्लड शुगर और कब्ज से छुटकारे के लिए मखाना (Makhana) खाएं

मखाना (Makhana) दिखने में जितना छोटा और हल्का है, उससे कई गुना कहीं इसके फायदे हैं। यह जलीय पौधा है और कमल जैसे फूल में होता है। अंग्रेजी में इसे Lotus Seeds or Fox Nuts कहते हैं। मखाने का ताल्लुक कमल जैसे फूल से होने के चलते ही इसका धार्मिक आयोजनों में प्रयोग किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कमल का फूल धन की देवी लक्ष्मी जी को बहुत पसंद है। मखाने में सोडियम कम और मैग्नीशियम ज्यादा पाया जाता है। यह कम कैलोरी वाला होता है पर फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। यह आयरन, जिंक और कैल्शियम का भी प्रमुख स्रोत है। ब्लड शुगर घटाने और पाचन सुधारने में यह दवा की तरह काम करता है। इसके अलावा भी यह स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभकारी है।

डायबिटीज पर नियंत्रण

डायबिटीज के मरीजों को मखाने का नियमित सेवन करना चाहिए। मखाने में मैग्नीशियम, फाइबर और प्रोटीन की अधिकता की वजह से यह डायबिटीज में काफी लाभकारी होता है। इसमें फाइबर और प्रोटीन की पर्याप्त मौजूदगी के चलते यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने या घटाने में मददगार होता है। हालांकि, डायबिटीज के ऐसे मरीज जो पहले से इंसुलिन ले रहे हों, उन्हें मखाने के नियमित प्रयोग से पहले अपने डॉक्टर से इस बारे में जरूर सलाह लेनी चाहिए।

कब्ज से राहत

फाइबर की मौजूदगी के चलते मखाने के प्रयोग से कब्ज की दिक्कत दूर होती है। मखाने को भूनकर खाया जा सकता है। इसका टेस्ट बढ़ाने के लिए थोड़ा घी और काला नमक में इसे फ्राई कर सकते हैं। हालांकि, ज्यादा भूनने से इसके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। मखाने को रोज सुबह नाश्ते के तौर पर भी प्रयोग किया जा सकता है। इससे काफी लाभ पहुंचता है। इससे यूरिन से जुड़ी परेशानी दूर करने में काफी मदद मिलती है। यह दस्त में भी लाभकारी है।

हृदय रोग से मुक्ति

मखाने में ज्यादा मात्रा में पोटैशियम के चलते यह ब्लड प्रेशर को घटाने का काम करता है। इससे हाइपरटेंशन के मरीजों को काफी राहत मिलती है। इसमें मैग्नीशियम भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है। यह शरीर में रक्त की गुणवत्ता को सुधारने में मददगार साबित होता है। इसके अलावा मखाने में सोडियम की कम मौजूदगी के चलते भी इसके सेवन से ब्लड प्रेशर का स्तर सही बना रहता है। मखाने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) भी मजबूत होती है।

वजन कम करे

प्रोटीन की अधिकता के चलते मखाने के सेवन से पेट भरा महसूस होता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगती। इस तरह से व्यक्ति कम खाता है और वजन घटाने में मदद मिलती है। मखाने में कैलोरी कम होने से भी इसके सेवन से फैट बढ़ने का डर नहीं रहता है। हालांकि, एक दिन में 25 ग्राम से अधिक मखाने का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे उल्टे एलर्जी और गैस बनने की दिक्कत हो सकती है।

गर्भावस्था में लाभकारी

एक कप रोस्ट किए हुए मखाने में करीब 4 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। प्रोटीन की मौजूदगी के कारण यह तंत्रिका तंत्र और गर्भ में पल रहे भ्रूण के दिमाग के विकास में मददगार साबित होता है। इसमें फाइबर की मात्रा विद्यमान होने से इसके सेवन से गर्भवती महिला को पाचन में दिक्कत और पेट में गैस बनने की समस्या नहीं रहती है। 100 ग्राम कच्चे मखाने में 28 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड या विटामिन B9 पाया जाता है। यह बच्चे के मेरुदंड (Spinal Cord) के विकास और जन्मजात दोषों को दूर करता है।

यौन रोगों में कारगर

मखाना यौन रोगों में कई तरह से कारगर साबित होता है। इसके सेवन से यौन शक्ति बढ़ती है। महिलाओं में इससे बांझपन की समस्या दूर होती है। नियमित और नियत मात्रा (रोज 25 ग्राम या उससे कम) में मखाने के सेवन से सेक्स से जुड़ी पुरुषों की दिक्कतें दूर करने में मदद मिलती है। मखाना खाने से तनाव और अनिद्रा से भी छुटकारा मिलता है। इससे बेहतर नींद आती है।

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