दुनिया के टॉप-7 आम आपने खाए क्या

आम को फलों का राजा ऐसे ही नहीं कहा जाता है। इतिहास इसके गुणों के बखान से भरा पड़ा है। कालिदास, अलेक्जेंडर द ग्रेट, चीनी यात्री ह्वेनसांग और शाहजहां को भी आम बहुत पसंद था। आम की 100 से अधिक वेरायटी हैं। सबके रंग, आकार और स्वाद अलग-अलग हैं। सवाल यह है कि इनमें से किसका स्वाद सबसे लाजवाब है? आखिर किस आम को दुनिया का नंबर-1 आम का खिताब हासिल है? इस सवाल के जवाब में देशभर के फल-प्रेमियों का निष्कर्ष इस प्रकार है।

1. अल्फांसो (Alphonso)

अल्फांसो को आमों का शहंशाह कहा जाता है। इसे हापूस, हापुज और आपूस नाम से भी जाना जाता है। अलग मिठास और फ्लेवर की वजह से यह दुनिया के महंगे आमों में शुमार है। मुख्यतः पश्चिमी भारत में इसका उत्पादन ज्यादा होता है। रत्नागिरी, रायगढ़ और सिंधुदुर्ग जिलों समेत महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र और गोवा में इसकी ज्यादा पैदावार होती है। विटामिन A और E की पर्याप्त मात्रा के चलते यह सेहत के लिए भी फायदेमंद है।

2. बादामी (Badami)

बादामी आम का स्वाद और आकार करीब-करीब अल्फांसो से मिलता-जुलता है। यही कारण है कि इसे कर्नाटक का अल्फांसो कहा जाता है। इसका भी स्वाद सामान्य आमों से बहुत बेहतर है। यह जूसी होता है। उत्तरी कर्नाटक में इसके बहुत अधिक पेड़ पाए जाते हैं। मई से जुलाई के बीच यह आम खाने को मिलता है।

3. चौसा (Chausa)

यह आम अपने रस के लिए प्रसिद्ध है। इसे चूसने वाला आम कहा जाता है। अपने गाढ़े पीले रंग की वजह से यह एक पल में सबका खास बन जाता है। लखनऊ और इसके आसपास के क्षेत्र में इसका उत्पादन ज्यादा होता है। सबसे अधिक हरदोई में यह आम होता है। इसके मिलने का समय जुलाई और अगस्त है।

4. केसर (Kesar)

केसर आम अपने स्वाद की वजह से सबका खास है। यह देखने में भी काफी आकर्षक लगता है। इसका गुदा चमकीला नारंगी रंग का होता है। गुजरात के गिर के जंगलों के आसपास यह बहुतायत में पाया जाता है। अल्फांसो के बाद यह आम निर्यात के मामले में दूसरे स्थान पर आता है।

5. दशहरी (Dasheri)

दशहरी आम स्वाद में बहुत मीठा होता है। सबसे पहले 18वीं शताब्दी में यह आम लखनऊ के नबाबों के बागीचे में पाया गया। इसके बाद यह न सिर्फ देशभर में पसंद किया जाने लगा बल्कि अब इसका निर्यात सिंगापुर, मलेशिया, फिलीपींस आदि देशों में होने लगा है। इसके उत्पादन का मुख्य केंद्र उत्तर प्रदेश स्थित मलीहाबाद है।

6. लंगड़ा (Langra)

लंगड़ा आम पकने के बाद भी हरा या हल्का पीला ही दिखता है, पर स्वाद और मिठास में इसका कोई जवाब नहीं है। इसके मुख्य उत्पादन का केंद्र वाराणसी और इसके आसपास का इलाका है। यह जून के आखिर से लेकर जुलाई तक मिलता है। इसमें गुदा ज्यादा होने से इसे टुकड़ों में काटना आसान होता है। इसकी भी मांग विदेशों तक में है।

7. सिंधरी (Sindhri)

इस आम का गाढ़ा पीला रंग सबको आकर्षित करता है। यह अंडाकार होता है। बहुत अधिक मिठास की वजह से इसे ‘हनी-मैंगो’ भी कहा जाता है। यह पाकिस्तान का राष्ट्रीय आम है। यह मुख्यतः पाकिस्तान के सिंध प्रांत में होता है। हालांकि यह अपने देश के बड़े शहरों में आराम से मिल जाता है।

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