सहजन है कई रोगों की अचूक दवा

भारतीय सहजन खाने के साथ औषधि के तौर पर दुनिया के कई देशों में प्रयोग किया जाता है। यद्यपि इसको लेकर ज्यादा रिसर्च नहीं हुई है, फिर भी कई रोगों में इसे अचूक दवा के रूप में परखा जा चुका है। इसे Moringa या Drumstick के तौर पर भी जाना जाता है। इसके अंदर मौजूद विटामिन और पोषक तत्व हमें कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं। इसकी फली से कहीं अधिक लाभदायक इसकी पत्तियां होती हैं, इसीलिए बहुत से लोग इसकी पत्तियों के कैप्सूल या पाउडर बनाकर प्रयोग करते हैं।

विटामिन और पोषक तत्व की पूर्ति

सहजन की फली में विटामिन C की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, इसलिए इसको खाने वालों में विटामिन C की कमी नहीं होती है। सहजन की पत्तियों में विटामिन C के अलावा विटामिन A, B6 तथा प्रोटीन, आयरन और मैग्नीशियम भी पाया जाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन के चलते यह स्किन सेल्स को नुकसान होने से बचाता है। इससे त्वचा की सुरक्षा होती है। यह बालों के लिए भी फायदेमंद है। सहजन की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट्स की मौजूदगी के चलते यह हमें हृदय रोग और डायबिटीज जैसी बीमारियों से छुटकारा दिलाती है।

ब्लड शुगर में कमी

सहजन की पत्तियों या फली के सेवन से ब्लड शुगर लेवल कम होता है। महिलाओं और पुरुषों पर किए गए अलग-अलग अध्ययन में यह पाया गया कि सहजन की पत्तियों के पाउडर का तीन महीने तक नियमित इस्तेमाल से उनका ब्लड शुगर का स्तर कम हो गया। हाई ब्लड प्रेशर के शिकार मरीजों को सहजन का सेवन करना चाहिए। इससे ब्लड प्रेशर का स्तर कम होता है।

कैंसर रोकने में मददगार

सहजन में नियाजिमिसिन (Niazimicin) की मौजूदगी के चलते यह कैंसर के पनपने से रोकता है। यह कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से पहले ही दबा देता है। सहजन किडनी में पथरी (Stone) से बचाता है। इससे लिवर संबंधी बीमारियां दूर होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सहजन में एंटीऑक्सीडेंट्स की ज्यादा मात्रा के चलते यह आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मदद करता है।

हड्डियों को मजबूती

सहजन में विद्यमान कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने का काम करता है। इससे कमजोर हड्डियों को मजबूती मिलती है। इसमें आयरन ज्यादा होने की वजह से एनीमिया को रोकने में मदद करता है। सहजन के सेवन से शरीर के घाव भी भरते हैं। यह चेहरे के दाग-धब्बों से मुक्ति दिलाने में मददगार होता है।

डायबिटीज में लाभकारी

डायबिटीज के रोगियों को डॉक्टर सहजन के सेवन की भी सलाह देते हैं। यह खून में ग्लूकोज घटाने का काम करता है। इसके अलावा इससे हीमोग्लोबिन का स्तर सुधरता है। सहजन की फली और पत्तियों के सेवन से बहुत हद तक अस्थमा के अटैक से भी राहत मिलती है।

ये बरतें सावधानी

हाई ब्लड प्रेशर, थायराइड और डायबिटीज के मरीजों को बीमारी की दवा लेने के दौरान सहजन का नियमित और अधिक मात्रा में सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इससे ब्लड प्रेशर ज्यादा कम होने की आशंका बनी रहती है।

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