धनुरासन पीठ दर्द से दिलाता है छुटकारा

धनुरासन (Dhanurasan) के दौरान शरीर धनुष के आकार की तरह दिखता है। इसे Bow Pose भी कहते हैं। यह आसन रीढ़ की हड्डी के दर्द और पाचन समस्याओं में बहुत लाभदायक साबित होता है। पेट से जुड़े जटिल रोगों को दूर करने के लिए यह जाना जाता है। इसको करने से महिलाओं को पीरियड्स संबंधी दिक्कतों से निजात मिलती है। इस आसन को नियमित करने वालों के शरीर लचीले और सुडौल बने रहते हैं।

धनुरासन ऐसे करें

1. सबसे पहले मैट पर पेट के बल सीधे लेट जाएं। इस दौरान अपनी ठोड़ी को फर्श पर टिका दें। साथ ही, दोनों हाथों को कमर की ओर लंबा कर जमीन पर रखें। इस समय दोनों हथेलियों को आकाश की तरफ मोड़कर रखें।

2. इसके बाद अब दोनों घुटनों को मोड़ें और ऊपर की ओर उठाएं। दोनों एड़ियों की पोजिशन जब दोनों कूल्हों तक आ जाए तब दाहिने पैर के टखने को दाहिने हाथ और बाएं पैर के टखने को बाएं हाथ से पकड़ लें। इस दौरान आपके हाथ सीधे होने चाहिए।

3. अब अंदर गहरी सांस भरते हुए दोनों पैरों को पीछे की ओर खींचे। इस दौरान दोनों जांघों और कूल्हों को ऊपर की ओर उठाएं। साथ ही, सांस भरते हुए छाती और गर्दन को भी जमीन से ऊपर की ओर उठाएं।

4. छाती पूरी तरह से उठने के बाद अब अपनी गर्दन जहां तक हो सके पीछे की तरफ करें। करीब 20 सेकेंड तक इस मुद्रा में रहें।

5. इसके बाद एक-एक कर अंगों को जमीन पर रखते हुए आसन की पहले की स्टेज में आ जाएं। फर्श पर थोड़ी देर पेट के बल ही लेटे रहें। फिर जब इस आसन को करना हो तो इसी तरह दोहराते जाएं।

कब और कितनी देर के लिए

धनुरासन को सुबह खाली पेट करना ठीक रहता है। इस आसन को करते वक्त पेट पर दबाव पड़ता है। ऐसे में पेट भरा रहने से दिक्कत आती है। एक बार में इस आसन को 10 से 20 सेकेंड की अवधि तक किया जाना चाहिए। प्रतिदिन इसे 3 से 5 बार करने से लाभ मिलता है।

धनुरासन के 5 फायदे

1. इस आसन को नियमित करने से पीठ से जुड़ीं मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।

2. इससे रीढ़ की हड्डी (Backbone) मजबूत होती है और पीठ व गर्दन दर्द से छुटकारा मिलता है।

3. शरीर का अतिरिक्त वजन घटाने में यह आसन बहुत कारगर साबित होता है।

4. रक्तचाप पर नियंत्रण के लिए यह आसन जाना जाता है। इसको करने से पाचन में जबरदस्त सुधार होता है।

5. सांस की बीमारियों में यह अत्यंत लाभकारी है। महिलाओं को माहवारी संबंधी दिक्कतों से भी यह राहत दिलाता है।

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