खुद के बनाए रंगों से खेलें सात्विक होली

होली की हजारों साल पुरानी परम्परा को आप भी कर सकते हैं साकार उल्लास के साथ। इस बार बाजार का भरोसा छोड़ें और घर में खुद बनाएं प्राकृतिक खुशबूदार रंग और हर्बल गुलाल। हमारे पुरखे इन्हीं सात्विक रंगों में रंगकर कभी ओज से दमकते थे और मस्ती में डूब जाते थे। यह होली इसी पवित्रता से ओतप्रोत होने का एक नया मौका है। इस बार आपका एक छोटा सा प्रयास यादगार छोड़ जाएगा सदा के लिए। प्राकृतिक रंग तैयार करने की इस पहल में बच्चों को जरूर शामिल करें, ताकि यह पवित्रता परिवार में पीढ़ियों तक कायम रहे।

टेसू (पलाश) के फूलों का रंग

टेसू के फूलों की पवित्रता का हमारे आध्यात्मिक ग्रंथों में बहुत बार जिक्र आता है। कहा जाता है भगवान बांके बिहारी को यह फूल बहुत पसंद हैं। इसीलिए नंदगांव और बरसाने में इन फूलों के रंगों की खास होली खेली जाती है। टेसू के फूलों से रंग बनाना बहुत ही आसान है। इसके फूलों को एकत्र कर एक छोटे से बर्तन में डाल लें। अब उसमें पूरा पानी भर दें। इसे थोड़ी देर तक उबलने दें। इसके बाद इसे आग से उतारकर इसके पानी को छान लें। पानी के साथ इसके चटखदार रंग मिल जाते हैं। अब इस रंग से खेलें होली। इसकी खुशबू सामने वाले को कायल कर देगी। बाजार के रंगों की तरह इससे कोई नुकसान भी नहीं होता है।

गेंदे (मैरीगोल्ड) के फूलों का रंग

गेंदे के फूल का बहुत ही धार्मिक महत्व है। इसका पीला रंग काफी शुभ माना जाता है। यही कारण है किसी भी धार्मिक अनुष्ठान और शादी के दौरान इसे मंडप और गले में माले के रूप में सजाया जाता है। यह अपनी खुशबू के लिए खास तौर पर जाना जाता है। इसका रंग बनाने के लिए इसके फूलों को तोड़कर एक पैन में डाल लें। इसके बाद उसमें पानी डालकर तब तक उबालें जब तक कि फूलों के सारे रंग पानी में मिल न जाएं। फिर फूलों को छानकर पानी से अलग कर लें। अब पानी में मिश्रित खुशबूदार रंग का प्रयोग करें।

तीन रंग के गुलाल

तीन तरह के गुलाल आप एक साथ भी बना सकते हैं। सबसे पहले आप तीन बाउल में थोड़ा-थोड़ा मक्के का आटा ले लें। अब अगर पीला रंग बनाना चाहते हैं तो अलग से हल्दी लें और उसमें पानी मिलाकर थोड़ा गाढ़ा घोल बना लें। इसे एक बाउल में रखे मक्के के आटे में डालकर अच्छी तरह से मिला लें। इसी तरह से लाल या गुलाबी रंग बनाने के लिए चुकंदर की जड़ों का रस निकालकर मक्के के आटे में मिलाएं। हरे रंग के लिए पालक का रस निकालकर तीसरे बाउल में रखे आटे में मिलाएं। इसके बाद खुशबू बढ़ाने के लिए इन तीनों बाउल में गुलाब जल या खस की कुछ बूंदें डाल दें। अब तीनों बाउल के गाढ़े मिश्रण को अलग-अलग थाली में डालकर थोड़ी देर धूप में सूखने के लिए रख दें। इसके पूरी तरह सूखने के बाद इसे थाली से निकालकर मिक्सर में पीस लें। इसके बाद इसे बाउल या किसी प्लेट में रखकर सजा लें। इस तरह तीन तरह के खुशबूदार हर्बल गुलाल इस्तेमाल के लिए तैयार हैं। इसे औरों को भी बताएं।

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