जामुन गठिया और डायबिटीज दोनों में है लाभकारी

जामुन (Blackberry) के एक नहीं, अनेक फायदे हैं। यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए कई रोगों में फायदेमंद साबित होता है। इसमें ग्लूकोज और फ्रुक्टोज की मात्रा पाई जाती है। इस फल में कैलोरी कम होती है, पर प्रोटीन, कैल्शियम और पोटैशियम की अधिकता होती है। जामुन में आयरन और विटामिन B के साथ-साथ मैग्नीशियम और कैरोटीन विद्यमान होता है। गठिया और डायबिटीज के रोगियों के लिए यह रामवाण है।

शुगर लेवल घटाए

जामुन में 82 प्रतिशत पानी और 14.5 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट्स पाए जाते हैं। यह ब्लड के अंदर शर्करा को नियंत्रित करने का काम करता है। इसके सेवन से ब्लड और यूरिन शुगर लेवल कम होता है। डायबिटीज के मरीजों को रोज जामुन खाना चाहिए। जामुन के बीज का चूर्ण भी बहुत लाभदायक होता है।

जोड़ों के दर्द से राहत

गठिया के मरीजों को जोड़ों का दर्द बहुत परेशान करता है। उन्हें तमाम उपचार के अलावा जामुन से राहत की विधि को भी आजमाना चाहिए। इसके लिए जामुन की छाल को पीसकर शरीर के जोड़ों पर लेप लगाना चाहिए। इससे काफी आराम मिलता है। इसके अलावा जामुन खाने वालों को दस्त की समस्या न के बराबर होती है।

पेट साफ करे

पेट में कब्ज या ऐंठन की दिक्कत वाले मरीजों को जामुन का नियमित सेवन करना चाहिए। जामुन में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स की अधिकता के चलते यह पेट की जलन दूर करने के साथ खाना पचाने में मददगार सिद्ध होता है। एक बार औसत मात्रा में जामुन खाने से रोज की जरूरत के 31 प्रतिशत फाइबर की मात्रा की पूर्ति होती है।

पथरी में कारगर

पथरी (Stone) से बचना चाहते हैं तो जामुन का जरूर सेवन करें। यह किडनी की रक्षा करने का काम करता है। जामुन के बीज का पाउडर बनाकर दही के साथ खाने से पथरी की समस्या से छुटकारा मिलता है। जामुन लिवर के लिए भी फायदेमंद होता है। एनीमिया के मरीजों को भी जामुन खाना चाहिए।

त्वचा पर चमक लाए

जामुम अम्लीय फल है। इसके फल के अलावा बीज, छिलके और पत्ते भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। इसके बीज को पीसकर चेहरे पर लगाने से कील-मुहांसों से निजात मिलती है। यह बैक्टीरिया रोधी के तौर पर भी काम करता है। इसके पत्ते चबाने से मुंह में दुर्गंध नहीं आती है। मसूड़ों से खून आने और सूजन की समस्या भी दूर होती है।

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