100 % सफलता पाने के लिए सात सबसे कामयाब तरीके

सफलता (Success) एक सूत्र के बजाय एक धारणा (Concept) है। यह व्यक्ति-व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह उसे कैसे हासिल करता है। कोई पैसे कमाने के लिए सफलता हासिल करना चाहता है तो कोई दुनिया में अपनी शोहरत बढ़ाने के लिए कामयाबी पाना चाहता है। बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जो निस्वार्थ भाव से समाज को आगे बढ़ाने के लिए तरक्की हासिल करना चाहते हैं। हकीकत यह है कि कामयाबी अचानक नहीं आती, इसका सही रास्ता चुनने से ही यह नसीब होती है। यह तब तक ही दूर है जब तक कि आप इस रास्ते पर चलने की हिम्मत नहीं जुटा लेते। दुनिया के चुनिंदा मोटिवेशनल स्पीकरों का दावा है कि इन सात खास वैज्ञानिक सूत्रों (7 special scientific formulas) पर अमल किया जाए तो सफलता को कदमों में आने से कोई रोक नहीं सकता।

1. कुछ बड़ा सोचें (Think something big)

जिंदगी में कामयाब बनने की पहली शर्त है कि कुछ न कुछ बड़ा सोचें। बड़ा सोचने का मतलब केवल सबसे अलग आइडिया (Idea) ही नहीं है, उसका समाधान और अवसर तलाशना भी इसमें शामिल है। सफल वही होते हैं जो संभावनाओं पर सोचते हैं और उसे अवसर में बदलने के लिए कूद पड़ते हैं। ऐसी स्थिति में रिस्क लेने की आदत डाल लेनी चाहिए, क्योंकि बड़े लक्ष्य के लिए छोटे-छोटे जोखिम सीढ़ी का ही काम करते हैं।

2. रुचि का खास ख्याल (Special care of interest)

अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना स्थित ड्यूक यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च के अनुसार लक्ष्यों का पीछा करने की प्रक्रिया में रुचि (Interest) बहुत महत्वपूर्ण है। इसकी वजह से हम उच्च स्तर पर प्रदर्शन कर पाते हैं। इस रिसर्च के दौरान पाया गया कि जिन लोगों ने अपने कार्यों में रुचि नहीं दिखाई और उसे गैरजरूरी मानते रहे, वे जल्दी थके हुए दिखे। इतना ही नहीं, ये लोग अपने कार्य में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। अपने काम के प्रति रुचि एक सफल जीवन का भी मूल मंत्र है।

3. खुद पर विश्वास (Believe in yourself)

खुद पर विश्वास का अर्थ है खुद के भय को बाहर निकालना और डटकर उसका सामना करना। हमेशा खुद पर भरोसा करें। दूसरों पर भरोसे से धोखा मिल सकता है, पर हम खुद को नहीं छल सकते। अपनी क्षमताओं पर आपका भरोसा कभी डिगना नहीं चाहिए। जीत, जीत और जीत…के बारे में ही हर पल सोचते रहने से असफलता की जरा भी आशंका शायद ही रह पाती है। सफलता से भी कहीं अधिक महत्वपूर्ण उसके बारे में आपका विश्वास बने होना है। आत्मविश्वास सामने वाले को बहुत प्रभावित करता है। इससे खुद की सकारात्मक सोच भी विकसित होती है।

4. कठिन मेहनत (Hard work)

सफलता का मूल मंत्र है-कठिन मेहनत। हालांकि, आज के समय में इसके अलावा स्मार्ट वर्क भी जरूरी है। कठिन मेहनत हमें अनुशासन, निष्ठा और दृढ़ संकल्प सिखाती है। इसको अपनाने के बाद कठिन से कठिन लक्ष्य भी काफी आसान हो जाते हैं। इन सबके बावजूद बैठकर अवसर का इंतजार करना उचित नहीं होता, हमेशा कामयाब वही बनते हैं जो अपने अवसर अपने हाथों से खुद गढ़ते हैं। अवसर सामने होने के बाद अब आपका पूरा ध्यान बीच की बाधाओं को दूर करने पर होना चाहिए। जिस दिन सारी बाधाएं दूर हो गईं, निश्चित तौर पर वह दिन दूर नहीं होगा जब कामयाबी आपके कदमों में होगी।

5. अडिग संकल्प (Determination)

सफलता तब अपने आप आसान लगने लग जाती है, जब हमारे इरादे मजबूत होते हैं। बिना किसी भय, आशंका या परिणाम के बारे में सोचे बगैर अनवरत लक्ष्य की तरफ बढ़ने वाला एक न एक दिन कामयाबी की इबारत जरूर लिखता है। इस लंबे और मुश्किल काल में चुनौतियां भी कम नहीं आती हैं, पर इस समय इस सूत्रवाक्य को कभी नहीं भूलना चाहिए-अवसर हमेशा विषम परिस्थितियों में ही पैदा होते हैं। आपका यह सफर तभी तक दुष्कर है, जब तक कि आप इसकी शुरुआत नहीं करते। फिर तो कारवां खुद-ब-खुद बन जाता है।

6. पॉजिटिव सोच (Positive thinking)

सकारात्मक सोच को लेकर दुनियाभर में हुए कई शोधों का नतीजा यह है कि यह खुशी और मुस्कान से भी कहीं बढ़कर है। यह न सिर्फ कामयाबी हासिल करने के लिए जरूरी है, बल्कि बेहतर जिंदगी के लिए भी अनिवार्य है। सकारात्मक सोच से न सिर्फ जीवन जीने के ढंग विकसित होते हैं, बल्कि ढेर सारी चिंताओं और नकारात्मक सोच से मुक्ति मिलती है। इससे रिश्तों में भी प्रगाढ़ता आती है। इस तरह की सोच अपनाने से मंजिल चलकर खुद आपके करीब आने लगती है।

7. असफलताओं से डर कैसा (Don’t be afraid of failures)

सफलता और असफलता के बीच फर्क सिर्फ इतना है कि एक में हम कुछ हासिल कर लेते है और दूसरे में नहीं। इनमें इसके सिवा कोई और भेद नहीं है। दिक्कत तब होती है जब कुछ लोग सफलता और असफलता को प्रसन्नता और अप्रसन्नता से जोड़ लेते हैं। हकीकत यह है कि हर नाकामी हमें कई सबक सिखाकर जाती है। सही मायनों में इसके बाद हमारी सफलता की गारंटी शत प्रतिशत बढ़ जाती है, क्योंकि हम इस बार पिछली गलतियों को दोहराने से बच जाते हैं। ध्यान रखें असंभव कुछ भी नहीं है, Impossible शब्द भी खुद कहता है : I’m possible.

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