बढ़ती उम्र में फिट रहने के 5 सूत्र

  • 12 करोड़ 30 लाख है भारत में इस समय 60 वर्ष या इससे ऊपर के लोगों की संख्या
  • 17 करोड़ 30 लाख बुजुर्ग बढ़कर हो जाएंगे 2026 तक संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार
  • 65 प्रतिशत बुजुर्ग देश में ऐसे हैं जिनकी आय का कोई ज्ञात स्रोत नहीं है एजवेल फाउंडेशन के सर्वे के अनुसार

बढ़ती उम्र बीमारियों की जड़ है। यह ऐसी अवस्था है जब शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है और व्यक्ति बीमार रहने लगता है। दिल की बीमारी, कैंसर, स्ट्रोक और डायबिटीज इस उम्र में आम बीमारी है। यह मुश्किल तब और बढ़ जाती है जब बढ़ती उम्र में आय का कोई सीधा स्रोत नहीं रह जाता है। ऐसे में ये 5 उपाय नई ऊर्जा भरने और स्वस्थ रखने में काफी मददगार साबित होते हैं।

1. कम खाना, ज्यादा पोषण

बढ़ती उम्र में कम खाने की जरूरत होती है, पर उनमें पोषण भरपूर होना चाहिए। इस उम्र में मांसपेशियां को कमजोर होने से बचाने के लिए प्रोटीनयुक्त आहार लेना चाहिए। इस समय पाचन तंत्र कमजोर होने की ज्यादा लोगों को शिकायत होती है। यह कई बड़ी बीमारियों का कारण भी बनता है। इसे दुरुस्त करने के लिए ऐसा आहार लेना चाहिए जिसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा हो। इस उम्र में आयरन की ज्यादा जरूरत होती है। हरी सब्जियों में विटामिन, पोषक तत्व और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। पालक, गाजर, ब्रोकोली, अंकुरित बीज इसके उपयुक्त स्रोत हैं। हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम और विटामिन D लेना बेहतर होता है।

2. पेय पदार्थ को वरीयता

चलने में परेशानी, सिर चकराना, सिरदर्द, मुंह सूखना, त्वचा पर सूखापन या ब्लड प्रेशर कम या ज्यादा होना इस बात की निशानी है कि आपके शरीर में लिक्विड या पानी की कमी है। बढ़ती उम्र में ऐसा अक्सर महसूस होता है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। चिकित्सकों के अनुसार पुरुषों को रोज 3 लीटर से अधिक और महिलाओं को 2.2 लीटर से अधिक तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। ऐसे में कार्बोहाइड्रेट या इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय लेना काफी असरकारक होता है। जूस, दूध और ठंडी या गर्म चाय-कॉफी लेने से भी काफी राहत मिलती है।

3. रोज नियमित नाश्ता

ज्यादा उम्र के लोगों को रोज नियमित नाश्ता जरूर करना चाहिए। नाश्ते से सुबह एक नई ऊर्जा मिलती है, जो दिनभर की गतिविधियों को संचालित करने में मदद करती है। नाश्ते में पोषण तत्व का होना जरूरी है। बुजुर्गों को नाश्ते में ज्यादा फल लेना चाहिए। केला, जामुन, आलू बुखारा, कीवी, आड़ू, बेर आदि का सेवन बहुत लाभकारी होता है। साबुत अनाज से भी शरीर को फाइबर के साथ-साथ विटामिन की पूर्ति होती रहती है। इस उम्र के लोगों के लिए दलिया को श्रेष्ठ आहार माना जाता है।

4. शारीरिक रूप से सक्रियता

बुढ़ापे के बावजूद अगर आप शारीरिक रूप से सक्रिय हैं तो आपको रोग होने की आशंका काफी कम होती है। शारीरिक सक्रियता शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखती है। इससे डायबिटीज, कैंसर और हृदय संबंधी बीमारियां होने का खतरा कम होता है। टहलने और वर्कआउट से शरीर फिट रहता है। रोज 150 मिनट की एक्सरसाइज फिट रहने के लिए काफी है। अगर योग, साइकिलिंग या तैराकी को अपना सकते हैं तो यह और भी बेहतर है। इससे आपकी एकाग्रता और याददाश्त भी बनी रहती है।

5. समय से दवा लें

50 से 60 या इससे ऊपर की उम्र के लोगों को खाने या कुछ करने से ज्यादा समय का ध्यान रखना जरूरी होता है। समय से दवा न लेने से कई नुकसान हो सकते हैं। इससे मर्ज ठीक होने के बजाय बिगड़ता जाता है। कोई भी रोग हो, उसका समय से टेस्ट कराना भी जरूरी होता है। डॉक्टर की सलाह लेते समय उसे अपने सारे रोग बता यह जरूर जान लें कि जो दवा आप लेने जा रहे हैं, उसके कोई साइड इफेक्ट्स तो नहीं हैं।

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