ऊटी (Ooty) के 10 प्रमुख पर्यटन स्थल, जो आपके टूर को बना देंगे यादगार

ऊटी (Ooty) तमिलनाडु का एक ऐसा शहर है, जिसकी खूबसूरत और मनोरम वादियों को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। नीलगिरि की पहाड़ियों में बसे हुए इस शहर की गिनती भारत के मुख्य पर्वतीय स्थल (Hill Station) के रूप में होती है। ऊटी का नया तमिल नाम उदगमंदलम दिया गया है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 2,268 मीटर है। इसे बेस्ट हनीमून डेस्टिनेशन के तौर भी जाना जाता है। यहां पहुंचना बहुत आसान है। जब भी ऊटी घूमने जाने का प्लान बनाएं तो 3-4 दिन जरूर लेकर चलें, क्योंकि यहां और इसके आसपास एक से बढ़कर एक पर्यटन स्थल हैं। अप्रैल से जून के बीच यहां का टूर अच्छा माना जाता है।

ऊटी टूर के दौरान यहां जाएं घूमने

1. बॉटेनिकल गार्डन (Botanical Garden)

बॉटेनिकल गार्डन में यहां पेड़-पौधों की 650 से अधिक प्रजातियां देखने को मिलती हैं। यहां एक ऐसे पेड़ का जीवाश्म संरक्षित है, जिसके बारे में दावा किया जाता है कि यह दो करोड़ वर्ष पुराना है। 22 हेक्टेयर में फैले इस गार्डन की स्थापना 1847 में की गई थी। यहां घूमने जाने के लिए कम से कम दो घंटे का समय लेकर जाएं। मई माह में ग्रीष्मोत्सव के दौरान फूलों की प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम कराए जाते हैं। यह महोत्सव देखने लायक होता है।

खुलने के दिन : हफ्ते के सातों दिन

खुलने का समय : सुबह 7:00 से शाम 6:30 बजे तक

प्रवेश शुल्क : प्रति वयस्क : 30 रुपये। प्रति बच्चा : 15 रुपये

2. ऊटी झील (Ooty Lake)

ऊटी टूर के दौरान इस कृत्रिम झील को देखना प्रमुख आकर्षण होता है। यह झील 2.5 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में फैली है। हर वर्ष यहां 10 लाख से अधिक दर्शक आते हैं। यहां वोटिंग के साथ आप मछली पकड़ने का भी आनंद ले सकते हैं। यहां झील के किनारे साइकिलिंग का भी एक अलग अनुभव होता है।

खुलने के दिन : हफ्ते के सातों दिन

खुलने का समय : सुबह 9:00 से शाम 6:00 बजे तक

प्रवेश शुल्क : प्रति वयस्क (भारतीय) : 13 रुपये

बोटिंग शुल्क : 240 से 990 रुपये तक (बोट के प्रकार और सीट के अनुसार)

3. डोडाबेट्टा चोटी (Doddabetta Peak)

ऊटी से मात्र 10 किलोमीटर दूर स्थित इस चोटी की समुद्र तल से ऊंचाई 2623 मीटर है। डोडाबेट्टा का मतलब बड़ा पर्वत होता है। नीलगिरि की पहाड़ियों में 24 ऊंची चोटियां हैं, जिनमें डोडाबेट्टा सबसे ऊंची चोटी है। इस चोटी पर टेलिस्कोप हाउस बनाया गया है, इसमें 2 टेलिस्कोप रखे गए हैं। इनसे देखने पर दूर-दूर तक घने जंगल और जीव-जंतुओं की तरह-तरह की प्रजातियां दिखाई देती हैं।

देखने जाने के दिन : हफ्ते के सातों दिन

खुलने का समय : सुबह 7:00 से शाम 6:00 बजे तक

प्रवेश शुल्क : 5 वर्ष से ऊपर : 6 रुपये प्रति व्यक्ति। 5 वर्ष से नीचे : निशुल्क

4. ऊटी रोज गार्डन (Ooty Rose Garden)

हर पर्यटक के लिए ऊटी ट्रिप का एक प्रमुख आकर्षण है ऊटी रोज गार्डन। 4 हेक्टेयर में फैले इस गार्डन में 20 हजार से अधिक गुलाबों की प्रजातियां पाई जाती हैं। यहां कई दुर्लभ गुलाब की किस्में भी देखने को मिलती हैं। यहां तक कि काले और हरे गुलाब भी इस गार्डन में मौजूद हैं। हर वर्ष हजारों पर्यटक यहां घूमने के लिए आते हैं।

खुलने के दिन : हफ्ते के सातों दिन

खुलने का समय : सुबह 8:30 से शाम 6:00 बजे तक

प्रवेश शुल्क : प्रति व्यक्ति : 20 रुपये

5. ऊटी टॉय ट्रेन (Ooty Toy Train)

यह ट्रेन नीलगिरि की पहाड़ियों के बीच से गुजरती है। यह सफर मेट्टुपालयम से शुरू होकर कुन्नूर होते हुए उदगमंदलम (ऊटी) तक जाता है। करीब 46 किलोमीटर के इस सफर में कई सुरंगें और 100 से अधिक पुल आते हैं। 4 से 5 घंटे का इस ट्रेन का सफर रोमांचकारी होता है। कुन्नूर अपने आप में हरियाली से भरपूर है। मेट्टुपालयम पहुंचने के लिए पहले आप कोयम्बटूर पहुंचें। कोयम्बटूर फ्लाइट से भी पहुंच सकते हैं। यहां से मेट्टुपालयम जाने में करीब 1 घन्टे लगते हैं। इस टॉय ट्रेन का फर्स्ट क्लास का टिकट 205 रुपये और सेकेंड क्लास का टिकट 30 रुपये का है। यह ट्रेन रोज चलती है।

6. मदुमलाई वन्य जीव अभ्यारण्य (Madumalai Wildlife Sanctuary)

मदुमलाई वन्य जीव अभ्यारण्य में 500 तरह के जीव-जंतु पाए जाते हैं। यहां आप हाथी, बाघ, चीता, चीतल, हिरन, मोर आदि घूमते हुए देख सकते हैं। इस अभ्यारण्य में अकेले 50 बाघ हैं। यहां तरह-तरह के पक्षियों को भी देखा जा सकता है। इस टूर के दौरान जंगल सफारी, एलिफेंट सफारी और फॉरेस्ट ट्रेकिंग का लुत्फ उठाया जा सकता है। ऊटी से 67 किलोमीटर की दूरी पर यह अभ्यारण्य स्थित है।

खुलने के दिन : हफ्ते के सातों दिन

खुलने का समय : सुबह 6:00 से शाम 6:00 बजे तक

प्रवेश शुल्क : प्रति व्यक्ति : 30 रुपये

जीप सफारी शुल्क : 4200 रुपये प्रति ट्रिप

एलिफेंट सफारी : 1120 रुपये प्रति ट्रिप

7. कलहटी जल प्रपात (Kalhatty Waterfalls)

ऊटी-मैसूर रॉड पर ऊटी से 13 किलोमीटर की दूरी पर यह जल प्रपात स्थित है। देश के मनोरम जल प्रपात में इसकी गिनती होती है। यहां की सुंदरता देखते ही बनती है। कलहटी के आसपास की चोटियों पर सांभर, चीते और जंगली भैंसे भी दिख जाते हैं। दूर-दूर से पक्षी प्रेमी भी काफी संख्या में जुटते हैं। कहा जाता है कि अगत्स्य ऋषि भी कभी यहां रहे थे।

कब जा सकते हैं : हफ्ते के सातों दिन

देखने का समय : सुबह 8:00 से शाम 6:00 बजे तक

8. वैक्स वर्ल्ड (Wax World)

वैक्स वर्ल्ड एक अलग अनुभव कराता है। यह बच्चों को बहुत पसंद आता है। ऊटी से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस वैक्स वर्ल्ड में देश की बड़ी शख्सियतों की प्रतिमाएं रखी गई हैं। यहां महात्मा गांधी, गोपाल कृष्ण गोखले, बाल गंगाधर तिलक, मदर टेरेसा, एपीजे अब्दुल कलाम आदि की प्रतिमाएं देखने को मिलती हैं।

खुलने के दिन : हफ्ते के सातों दिन

खुलने का समय : सुबह 9:00 से शाम 8:00 बजे तक

प्रवेश शुल्क : प्रति व्यक्ति : 20 रुपये

9. कामराज सागर डैम (Kamraj Sagar Dam)

ऊटी बस स्टैंड से कामराज सागर डैम की दूरी मात्र 10 किलोमीटर है। इसकी गिनती प्रमुख पिकनिक स्पॉट के तौर पर की जाती है। यहां कई फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है। यहां के शांत वातावरण में पक्षियों को देखना और फिशिंग का लुत्फ उठाना काफी दिलचस्प होता है। जाड़े में यहां की ट्रिप काफी अलग होती है।

कब जा सकते हैं : हफ्ते के सातों दिन

देखने का समय : सुबह 9:00 से शाम 6:00 बजे तक

10. पैकारा जल प्रपात (Pykara Waterfalls)

ऊटी से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस जल प्रपात को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। इसे प्रमुख पिकनिक स्पॉट के तौर पर जाना जाता है। यहां चारों तरफ फैली हरियाली के बीच वाटरफॉल्स को देखना काफी अच्छा लगता है। यहां 55 से 61 मीटर की ऊंचाई से पानी गिरते हुए देखा जा सकता है। इस ट्रिप के दौरान बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है।

कब जा सकते हैं : हफ्ते के सातों दिन

खुलने का समय : सुबह 8:30 से शाम 6:00 बजे तक

शुल्क : निःशुल्क

बोटिंग शुल्क : 175 रुपये प्रति व्यक्ति

ऊटी कैसे जाएं

हवाई मार्ग

कोयम्बटूर एयरपोर्ट से उतरकर आप ऊटी पहुंच सकते हैं। यहां से ऊटी की दूरी 85 किलोमीटर है। दिल्ली, मुंबई समेत देश के मुख्य शहरों से कोयम्बटूर की सीधी फ्लाइट मिल जाती है। कोयम्बटूर से टैक्सी से ऊटी पहुंचा जा सकता है।

रेल मार्ग

मेट्टुपालयम ऊटी का नजदीकी रेलवे स्टेशन है। यहां से ऊटी की दूरी करीब 46 किलोमीटर है। यहां से टॉय ट्रेन के माध्यम से आप पहाड़ी वादियों का लुत्फ उठाते हुए ऊटी पहुंच सकते हैं। मेट्टुपालयम पहुंचने के लिए आप चेन्नई, बंगलुरु आदि शहरों से ट्रेन पकड़ सकते हैं।

सड़क मार्ग

ऊटी के लिए तमिलनाडु स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट की बसें चलती हैं। इनके माध्यम से आसानी से ऊटी पहुंचा जा सकता है। मैसूर, चेन्नई, बंगलुरु आदि शहरों से ऊटी के लिए निजी और सरकारी बसें मिल जाती हैं।

ऊटी में कहां ठहरें

ऊटी में ठहरने के लिए आपको बेस्ट होटल और रिजार्ट मिल जाते हैं। स्टर्लिंग ऊटी, किंग्स क्लिफ, होटल लेकव्यू, बेरी हिल्स रिसोर्ट, वेस्टर्न वैली रिजॉर्ट, ब्रेवर्ली विला आदि होटल और रिजॉर्ट रुकने के लिए बेस्ट प्लेस हैं। यहां आपको 900 से लेकर 9,000 रुपये तक में कमरे मिल जाते हैं।

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