पौधों की नर्सरी दिलाएगी 10 लाख रुपये तक का मुनाफा

पौधों की नर्सरी (Plant nursery) का कारोबार करना बहुत ही आसान है। थोड़ी सी सावधानी और समझ रखने वाले को इस बिजनेस में फायदा ही फायदा है। पौधे न बिकने पर भी खराब नहीं होते, बल्कि ये बढ़ते रहते हैं। बड़े होकर ये और भी ज्यादा पैसे दे जाते हैं, इसलिए नर्सरी शुरू करने में घाटे का सवाल ही नहीं है। इससे एक सीजन में 10 लाख तक का मुनाफा आराम से कमाया जा सकता है। अगर पौधों या वातावरण के प्रति प्रेम है तब तो यह कारोबार आपको शुरू कर ही देना चाहिए। पर्यावरण स्वच्छ रखने की सामाजिक जिम्मेदारी के साथ-साथ लाभ भी होता रहेगा। लंबा समय गुजरते जाने पर अनुभव और कमाई से नर्सरी अपने आप बढ़ती जाती है। इससे मुनाफे का दायरा और अधिक हो जाता है।

शुरुआत में जरूरत

नर्सरी के लिए सबसे पहले जमीन की जरूरत होती है। इसकी पहली शर्त है कि यह उपजाऊ होनी चाहिए। इसके अलावा यह सड़क से सटी होनी चाहिए या ऐसी जगह पर होनी चाहिए, जहां से लोगों की आवाजाही ज्यादा हो। तभी बिक्री ज्यादा होने की उम्मीद कर सकते हैं। गमलों में लगे बड़े पौधों को खरीदने के बाद ग्राहक इन्हें गाड़ियों में रखकर ले जाते हैं, इसलिए अगर नर्सरी तक गाड़ी आराम से जा सकें तो यह बिजनेस के लिहाज से अच्छा होता है। थोड़े से बड़े पैमाने पर नर्सरी शुरू करने के लिए कम से 2 एकड़ जमीन होनी चाहिए। शुरुआत छोटे से भी की जा सकती है। नर्सरी का बिजनेस अपने घर के गार्डन या छत के ऊपर की जगह से भी शुरू किया जा सकता है।

बिजनेस शुरू करने से पहले पौधों के बारे में जानना बहुत जरूरी होता है। कौन से पौधे किस सीजन में लगाने ठीक होते हैं। किसमें कितनी खाद डाली जाए, इनडोर या आउटडोर कौन से पौधों की डिमांड ज्यादा है, इसका भी ध्यान रखना पड़ता है। किस तरह के पौधों को खरीदने या लगाने के बाद बेचते समय ज्यादा लाभ मिल सकता है, इसका ध्यान रखना फायदेमंद होता है।

बिजनेस के लिए जरूरी सामान

व्यावसायिक नर्सरी शुरू करने के लिए पॉलीहाउस जरूरी होता है। इससे पौधों का विकास अच्छे तरीके से होता है। पॉलीहाउस को ऑनलाइन भी मंगाया जा सकता है। इसके बाद दूसरी जरूरत पानी की होती है। इसके लिए सबमर्सिबल लगवाना सबसे बेहतर होता है। इससे जब चाहे पौधों की सिंचाई कर सकते हैं। हालांकि नर्सरी के जानकार कहते हैं कि पौधों को पानी कुछ दिन के अंतराल पर देना चाहिए यानि मिट्टी में जब नमी सूख जाए, फिर से तभी सिंचाई करें। इसके अलावा नर्सरी के लिए पाइप, कैंची, खुरपा, फावड़ा, रेत, मिट्टी, बल्लियां, पॉलीबैग, खाद और कीटनाशक आदि की जरूरत पड़ती है। पौधों की देखरेख और बिक्री के समय पौधों को गाड़ी आदि में रखवाने के लिए कुछ मजदूरों की भी जरूरत पड़ती है।

लाखों का ऐसे होगा लाभ

2 एकड़ में पौधों की नर्सरी शुरू करने के लिए कुल 5 से 7 लाख रुपये का खर्च आता है। इंफ्रास्ट्रक्चर, मजदूरों की दिहाड़ी, बिजली बिल और ट्रांसपोर्टेशन आदि के खर्चे इसमें शामिल होते हैं। इतनी लागत के बाद एक साल में करीब 15 से 17 लाख तक की बिक्री की उम्मीद कर सकते हैं। इस तरह से लगभग 10 लाख तक लाभ हो जाता है। जैसे-जैसे अलग पहचान बनती जाती है, ग्राहक और कमाई बढ़ती जाती है।

इस तरह करें मार्केटिंग

  • अपनी नर्सरी को सबसे अलग बताएं। इसके लिए आपको अपनी प्रतिद्वंद्वी की नर्सरी के बारे में जानकारी जुटानी होगी। उससे कुछ अलग के पौधे रखें और आपका रेट भी कुछ कम होना चाहिए।
  • अपनी नर्सरी को साफ-सुथरा रखें। इनडोर, ऑउटडोर, फ्रूट या फूलों से जुड़े पौधों की अलग-अलग कैटेगरी बनाएं और उन्हें इसी के तहत नेम प्लेट के साथ नर्सरी में लगाएं। इससे नर्सरी का लुक अलग आएगा। बाहर नर्सरी के बोर्ड पर भी अपनी खासियत का जिक्र करें।
  • बड़े शहर या उसके आसपास अगर आपकी नर्सरी है तो हवा या पर्यावरण स्वच्छ करने वाले तरह-तरह के पौधे जरूर रखें। आजकल इनकी घर से लेकर कारपोरेट ऑफिस तक में ज्यादा डिमांड है। दवा या ब्यूटी बढ़ाने के काम आने वाले पौधों की भी खूब मांग है। इन्हें नर्सरी में रखें और प्रचारित करें।
  • फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब आदि पर नर्सरी का प्रचार करें। इसमें न्यू या आपके शहर में पहली बार आदि जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने योग्य कुछ जरूर शेयर करें।
  • अपनी नर्सरी की वेबसाइट बनाएं और सोशल मीडिया पर उसका लिंक शेयर करते रहें। वेबसाइट पर फोटो के साथ पौधों की डिटेल डालें। इसमें ऑनलाइन पौधे ऑर्डर करने का ऑप्शन भी दें।
  • अपने आसपास बड़ी मार्केट तलाशें और उनमें अपनी नर्सरी के होर्डिंग्स आदि लगाकर प्रचार करें। बड़े पैमाने पर पौधों की बिक्री के लिए बड़े कॉरपोरेट दफ्तरों में सम्पर्क करें। फलदार पौधों की बिक्री के लिए किसानों को भी जोड़ सकते हैं।
  • खास मौकों जैसे पर्यावरण दिवस, बाल दिवस, स्वतंत्रता दिवस, दिवाली आदि पर छूट का ऑफर दें। नर्सरी में खाली जगह में इन मौकों पर छोटी प्रदर्शनी भी लगाई जा सकती है। इसमें एक सेल्फी पॉइंट जरूर बनवाएं और उसमें पीछे नर्सरी का बोर्ड लगा दें, ताकि कोई सेल्फी लेकर जाए तो साथ-साथ आपकी नर्सरी का प्रचार भी हो।

ये जरूरी प्रक्रिया पूरी करें

नर्सरी के लिए संबंधित निगम से अनुमति जरूर लें। अपनी नर्सरी फर्म का रजिस्ट्रेशन और बीमा करवाएं। बिजनेस के लिए अलग अकाउंट की जरूरत पड़ती है। अपना पैन और जीएसटीएन नंबर भी अपडेट रखें। इससे आपको कोई विभागीय कर्मचारी परेशान नहीं कर सकता है।

यहां से मिलती है मदद

नर्सरी शुरू करने के लिए राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड से मदद ली जा सकती है। इसके अलावा संबंधित राज्य में स्थित वन विभाग से भी सहायता ले सकते हैं। इस कारोबार के लिए सब्सिडी भी मिलती है। किसी भी राष्ट्रीकृत बैंक में जाकर इसके बारे में जानकारी ली जा सकती है।

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