परीक्षा के दौरान सोने और खाने का यह प्लान दिलाता है सफलता

परीक्षा के समय आपका ब्रेकफास्ट राजा की तरह, लंच एक सैनिक के जैसा और डिनर भिखारी की तरह होना चाहिए।

बोर्ड परीक्षा (Board Exams) हो या कोई अन्य प्रतियोगी परीक्षा, छात्र-छात्राएं तनाव में आ ही जाते हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि सालभर की चाहे जो भी तैयारी हो, परीक्षा के समय अगर बेहतर रणनीति नहीं अपनाई तो कामयाबी मुश्किल में पड़ सकती है। इस बेहतर रणनीति की सबसे पहली शर्त है कि परीक्षा के समय आपका खानपान (Food) और सोने (Sleep) का रूटीन सही हो। इन पांच उपायों पर अमल करने से यह मुश्किल आसान हो जाती है। इतना ही नहीं, छात्र अपनी कामयाबी 100 प्रतिशत सुनिश्चित कर पाते हैं।

1. हल्का और एनर्जी युक्त खाना

परीक्षा की तैयारी के समय एक ही समय ज्यादा खाना खाने से बेहतर होता है कि थोड़े-थोड़े समय पर कम-कम खाया जाए। इससे आलस कम लगती है और पूरे दिन ऊर्जा बरकरार रहती है। चिकित्सकों के अनुसार छात्रों को ब्रेकफास्ट कभी भी मिस नहीं करना चाहिए, क्योंकि रात को कई घंटे खाली पेट के बाद सुबह एनर्जी के लिए यह जरूरी होता है। अकेले हमारा दिमाग ही कुल एनर्जी का 20 प्रतिशत यूज कर लेता है। यह जरूर है कि रात को खाना हमेशा कम खाना चाहिए। इससे सुबह बिल्कुल फ्रेश महसूस कर सकेंगे। रात को दलिया का सेवन बेहतर होता है।

2. फल और सब्जी का सेवन

इन दिनों में विटामिन C युक्त खाद्य पदार्थ जैसे खट्टे फल, अमरूद आदि का सेवन करना चाहिए। ऑरेंज जूस लेना काफी बेहतर रहता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर अखरोट और दही के प्रयोग से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इससे कमजोरी नहीं लगती और किसी भी तरह के संक्रमण का खतरा दूर होता है। इस दौरान बादाम का सेवन करने से याददाश्त मजबूत होती है। छात्रों को हरी पत्तेदार सब्जियों और ज्यादा से ज्यादा सलाद को आहार का हिस्सा बनाना चाहिए।

3. फास्टफूड का त्याग

परीक्षा के दिनों में छात्रों को फास्टफूड खाने से बचना चाहिए। बर्गर, पिज्जा, नूडल्स, फ्रेंच फ्राइज आदि खाने से पेट में जलन और गैस की समस्या उत्पन्न होती है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है और ज्यादा गैस बनने से सिरदर्द आदि की समस्या हो सकती है। इसके अतिरिक्त फास्टफूड खाने से अतिरिक्त कैलोरी बढ़ती है। चूंकि परीक्षा के समय कोई शारीरिक गतिविधि नहीं हो पाती, इस वजह से शरीर में फैट बढ़ता है। इसके अलावा आलस और थकान भी घर कर जाती है।

4. ज्यादा मात्रा में पानी

पानी की कमी से सुस्ती, थकान, खाना पचने में दिक्कत आदि के साथ ही कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होती हैं। किसी भी व्यक्ति के लिए रोज 6 से 8 लीटर पानी पर्याप्त माना जाता है। पानी की जगह फलों का जूस भी लिया जा सकता है, पर यह पानी का पूरी तरह विकल्प नहीं हो सकता। बाजार के डब्बाबंद जूस में एडेड शुगर होती है, इसलिए इनके ज्यादा प्रयोग से चर्बी बढ़ने की आशंका बनी रहती है। कैफीनयुक्त पेय पदार्थ जैसे चाय और काफी लेने से एसिडिटी की दिक्कत बढ़ती है, इस वजह से परीक्षा के दिनों में इनके ज्यादा प्रयोग से बचना चाहिए।

5. पूरी नींद और पॉवर नैप

छात्रों को प्रयास करना चाहिए कि वे परीक्षा के दिनों में भी अपने सोने के रेगुलर रूटीन को ही फॉलो करें, बशर्ते यह बहुत ज्यादा घन्टे न हो। इससे इतर रूटीन अपनाने में उनींदापन या स्वभाव में चिड़चिड़ापन आने लगता है। इन दिनों में भी कम से कम 6 से 8 घन्टे की नींद लेनी चाहिए। इससे शरीर ऊर्जावान बना रहता है। दोपहर में 1 घन्टे की झपकी भी बेहतर होती है। इसको पावर नैप (Power Nap) भी कहा जाता है, क्योंकि इसके बाद दिन के अगले हाफ के लिए छात्र अपने को ज्यादा एनर्जी से भरपूर पाते हैं।

0.00 avg. rating (0% score) - 0 votes
0 replies

Leave a Reply

Want to join the discussion?
Feel free to contribute!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *