कब्ज से राहत के 5 प्राकृतिक उपाय

अधिकांश लोगों में कब्ज (Constipation) की समस्या बड़ी नहीं होती पर वे लंबे समय तक परेशानी झेलते रहते हैं। कई बार यह परेशानी असहनीय भी हो जाती है। बेवक्त यह दिक्कत सामने आने पर शर्मिंदगी का अलग से सामना करना पड़ता है, जबकि रोजाना की दिनचर्या और खानपान में थोड़ा बदलाव कर आसानी से इससे छुटकारा पाया जा सकता है। ये हैं इसके लिए 5 प्राकृतिक उपाय :

1. तरल पदार्थ का ज्यादा सेवन

कब्ज की समस्या पानी की कमी से भी होती है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। प्रतिदिन 2 से 2.5 लीटर पानी पीना पर्याप्त माना जाता है। कब्ज में सेब और एलोवीरा का जूस तथा नींबू का रस लेना फायदेमंद होता है। अल्कोहल और कैफीनयुक्त पेय पदार्थ का त्याग करने से काफी राहत मिलती है।

2. फाइबरयुक्त आहार

मल को शरीर से बाहर निकालने में फाइबर काफी मददगार साबित होता है। इस तरह इसके सेवन से कब्ज की समस्या दूर होती है। सेब, संतरा,आम, जामुन, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियां और साबुत अनाज में फाइबर की मात्रा ज्यादा पाई जाती है। रोज कम से कम 20 से 35 ग्राम तक फाइबर लेना बेहतर होता है।

3. तीसी के बीज

तीसी (Flax) के बीज में अघुलनशील फाइबर पाया जाता जो कड़े मल का निस्तारण आसान बना देता है। इसका प्रयोग करने के लिए इसके बीज का पाउडर बना लें। उसे ब्रेड पर लगाकर या दही के ऊपर छिड़ककर भी प्रयोग किया जा सकता है। तीसी के बीज के सेवन से बढ़ा ब्लड प्रेशर भी घटता है।

4. तनाव घटाएं

ज्यादा तनाव से मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ता है। इससे शरीर में भूख की प्रक्रिया में बदलाव होता है। इससे आंतों की अंदरूनी स्थिति पर असर पड़ता है। तनाव बढ़ने से याददाश्त और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इससे दिल की बीमारियां होने का खतरा रहता है। कब्ज रोगियों को हर हाल में तनाव घटाना चाहिए।

5. एक्सरसाइज करें

एक्सरसाइज से कब्ज में काफी राहत मिलती है। एरोबिक एक्सरसाइज से सांस लेने की क्षमता बढ़ती है। इससे आंतों की मांसपेशियों में संकुचन को बढ़ावा मिलता है। ऐसी स्थिति शरीर से कड़े और सूखे मल को बाहर निकालने में काफी मददगार सिद्ध होती है। ध्यान रहे खाने के तुरंत बाद एक्सरसाइज कभी न करें।

क्या है कब्ज

कब्ज के लक्षण पहचाना बहुत ही आसान है। मल (Stool) का कड़ा और सूखा होना इसकी पहली निशानी है। एक हफ्ते में तीन से भी कम बार मल त्यागना कब्ज का दूसरा लक्षण है। इसके अलावा मल त्यागते समय दर्द या इसके बाद भी पेट में मरोड़ इसकी अन्य पहचान है। कब्ज के कई रोगियों को मल-द्वार में रुकावट महसूस होती है।

ये लोग ज्यादा शिकार

कब्ज की अधिकतर शिकायत शारीरिक रूप से कम सक्रिय 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों या किसी बीमारी की वजह से बेड रेस्ट पर चल रहे लोगों को होती है। दफ्तर में बैठकर काम करने वालों, सामान्य व गर्भवती महिलाओं और बच्चों में भी यह दिक्कत हो सकती है। लंबे समय से दिक्कत झेल रहे लोगों को डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए।

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